सम्मान हासिल कर लिया, लेकिन जिम्बाब्वे को विभिन्न परिस्थितियों के अनुरूप ढलना सीखना होगा: वाल्श

सम्मान हासिल कर लिया, लेकिन जिम्बाब्वे को विभिन्न परिस्थितियों के अनुरूप ढलना सीखना होगा: वाल्श

सम्मान हासिल कर लिया, लेकिन जिम्बाब्वे को विभिन्न परिस्थितियों के अनुरूप ढलना सीखना होगा: वाल्श
Modified Date: February 28, 2026 / 06:38 pm IST
Published Date: February 28, 2026 6:38 pm IST

… भरत शर्मा …

नयी दिल्ली, 28 फरवरी (भाषा) जिम्बाब्वे के गेंदबाजी को कर्टनी वाल्श ने शनिवार को यहां कहा कि टी20 विश्व कप अभियान में भारत और श्रीलंका में अलग-अलग प्रदर्शन ने यह दिखा दिया है कि टीम को विभिन्न परिस्थितियों में तेजी से अनुकूलन करना सीखना होगा। जिम्बाब्वे ने ग्रुप चरण में श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों को चौंकाते हुए सुपर आठ में प्रवेश किया। टूर्नामेंट के अगले चरण के लिए श्रीलंका से भारत आने के बाद हालांकि टीम के प्रदर्शन में काफी गिरावट देखने को मिली। श्रीलंका की धीमी पिचों पर गेंदबाजी काफी प्रभावशाली नजर आई लेकिन भारत और वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर आठ के मैचों में जिम्बाब्वे ने 500 से अधिक रन खर्च कर दिए और सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया। सिकंदर रजा की अगुवाई वाली टीम अपना अभियान रविवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ समाप्त करेगी। वेस्टइंडीज के पूर्व महान खिलाड़ी वाल्श ने कहा, ‘‘भारत में परिस्थितियां निश्चित रूप से श्रीलंका की तुलना में अलग हैं, पिचें अलग हैं। इसलिए हमें अनुकूलन में कुछ समय लगा। हम उतनी जल्दी अनुकूल नहीं हो पाए जितना चाहते थे। मुझे लगता है कि खिलाड़ियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ किया और उम्मीद है कि भविष्य में इन परिस्थितियों से बहुत कुछ सीखेंगे। सबसे बड़ी सीख यह है कि विभिन्न परिस्थितियों में कितनी जल्दी अनुकूलन करना जरूरी है।’’ वॉल्श का हालांकि मानना है कि यह टूर्नामेंट जिम्बाब्वे के लिए सफल रहा क्योंकि उन्होंने क्रिकेट की दुनिया का सम्मान हासिल किया और इससे बड़ी टीमों के खिलाफ और मैच मिलने की संभावना बढ़ेगी। भारत और वेस्टइंडीज की टीमें सेमीफाइनल में जगह तय करने के लिए रविवार को ही कोलकाता में भिड़ेगी। वाल्श ने कहा कि इस क्वार्टरफाइनल जैसे मुकाबले में जो टीम बेहतर गेंदबाजी करेगी, वही जीतेगी। वॉल्श ने कहा, ‘‘यह एक बहुत ही रोमांचक मैच होगा। जो टीम बेहतर गेंदबाजी करेगी, वही इस मैच को जीतेगी क्योंकि दोनों टीमों की बल्लेबाजी बहुत मजबूत है।’’ भाषा आनन्द नमितानमिता


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