इलावेनिल और पार्थ मिश्रित टीम स्पर्धा में चौथे स्थान पर, निशानेबाजी में भारत को स्वर्ण का इंतजार

इलावेनिल और पार्थ मिश्रित टीम स्पर्धा में चौथे स्थान पर, निशानेबाजी में भारत को स्वर्ण का इंतजार

इलावेनिल और पार्थ मिश्रित टीम स्पर्धा में चौथे स्थान पर, निशानेबाजी में भारत को स्वर्ण का इंतजार
Modified Date: September 22, 2026 / 02:49 pm IST
Published Date: September 22, 2026 2:49 pm IST

(अजय मसंद)

नागोया, 22 सितंबर (भाषा) निशानेबाजी में भारत का अभियान मंगलवार को थोड़ा फीका पड़ा जब इलावेनिल वलारिवन और किशोर निशानेबाज पार्थ माने अच्छी शुरुआत को पदक में नहीं बदल सके और यहां एशियाई खेलों की 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में चौथे और अंतिम स्थान पर रहे।

इस नतीजे के साथ प्रतियोगिता के तीन दिन बाद भी भारत को निशानेबाजी में स्वर्ण पदक का इंतजार है। भारत ने अपनी सबसे मजबूत 30 सदस्यीय टीम उतारी है और विश्व कप तथा एशियाई चैंपियनशिप में उत्साहजनक प्रदर्शन के बाद नागोया पहुंचा था।

भारत अब तक निशानेबाजी में पांच पदक जीत चुका है जिनमें चार रजत और एक कांस्य शामिल है लेकिन स्वर्ण पदक अब भी उससे दूर है।

मंगलवार की निराशा इसलिए भी अधिक रही क्योंकि इलावेनिल और पार्थ ने 634.6 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था और स्वर्ण पदक की चुनौती पेश करने के लिए मजबूत स्थिति में दिख रहे थे। चीन ने 638.9 अंक के शानदार स्कोर के साथ क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया जो पिछले क्वालीफिकेशन विश्व रिकॉर्ड से करीब दो अंक बेहतर था। दक्षिण कोरिया 633.2 अंक के साथ तीसरे और मेजबान जापान 631.4 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहा।

भारतीय जोड़ी अपनी क्वालीफिकेशन वाली लय फाइनल में बरकरार नहीं रख सकी और 18वें शॉट के बाद पदक की दौड़ से बाहर हो गई। उन्होंने पहली सीरीज में 103.6 अंक बनाए और दूसरी सीरीज के बाद उनका कुल स्कोर 207.9 रहा। 15 शॉट के बाद वे 312.3 अंक पर थे और दक्षिण कोरिया के 314.3 अंक से पहले ही दो अंक पीछे थे।

वांग झिफेई और शेंग लिहाओ ने रिकॉर्डतोड़ क्वालीफिकेशन के बाद फाइनल में 507.1 अंक का विश्व रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक जीता। दक्षिण कोरिया की बान ह्योजिन और पार्क हाजुन ने 502.9 अंक के साथ रजत जबकि जापान के नाओकी हानाकावा और मिसाकी नोबाटा ने कांस्य पदक जीता।

भारत के लिए यह ऐसी प्रतियोगिता में एक और मौका गंवाने जैसा रहा जहां अंतर बेहद मामूली होता है लेकिन उम्मीदें बहुत बड़ी होती हैं।

इलावेनिल प्रतियोगिता के पहले दिन ही स्वर्ण पदक के बेहद करीब पहुंची थीं। उन्होंने महिला 10 मीटर एयर राइफल की व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में रजत पदक जीते थे। व्यक्तिगत फाइनल में वह लंबे समय तक बढ़त पर थीं और एक समय 1.5 अंक की बढ़त भी बना ली थी लेकिन अंत में उन्हें रजत से संतोष करना पड़ा।

वहीं पार्थ सोमवार को रजत पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष 10 मीटर एयर राइफल टीम का हिस्सा थे। ऐसे में मंगलवार की मिश्रित टीम स्पर्धा इस जोड़ी के लिए भारत की पदक संख्या बढ़ाने का एक और मौका थी।

फाइनल के बाद इलावेनिल ने कहा, ‘‘यह खुद को व्यवस्थित करने, फिर से अपना सर्वश्रेष्ठ देने और उसी पर कायम रहने के बारे में था।’’

इस ओलंपियन ने स्वीकार किया कि उन्हें अपनी स्थिति में सहज होने में परेशानी हुई।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे स्थिति में सहज होने में थोड़ी परेशानी हो रही थी।’’

उन्होंने तकनीकी बदलाव की जरूरत बताते हुए कहा, ‘‘मुझे अपने ट्रिगर के साथ थोड़ा अधिक आक्रामक होने की जरूरत है।’’

यह नतीजा पुरुषों के 10 मीटर एयर राइफल फाइनल में भारत को मिली एक और निराशा के बाद आया है जहां पूर्व विश्व चैम्पियन रुद्रांक्ष पाटिल सोमवार को 1.1 अंक तक की बढ़त बनाने के बावजूद फिसलकर कांस्य पदक पर रह गए थे।

इन नतीजों से पता चलता है कि एशियाई खेलों में किस तरह स्थिति तेजी से बदल सकती है खासकर एयर राइफल में जहां एक खराब शॉट मजबूत स्थिति को पदकविहीन प्रदर्शन में बदल सकता है।

चीन के दबदबे ने इस अंतर को और स्पष्ट किया। चीनी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में अपने शीर्ष निशानेबाजों का सावधानी से प्रबंधन करने के लिए जाने जाते हैं और बहु खेल प्रतियोगिताओं को विशेष महत्व देते हैं। नागोया में भी उनकी मजबूती क्वालीफिकेशन की शुरुआत से ही दिखी जब वांग और शेंग ने विश्व रिकॉर्ड बनाया और फिर फाइनल में भी नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया।

क्वालीफिकेशन में उनके 638.9 अंक ने बाकी खिलाड़ियों के लिए भी बेहद ऊंचा मानक स्थापित किया।

भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा की मौजूदगी ने भी फाइनल के माहौल में उम्मीद बढ़ा दी थी और भारत को उम्मीद थी कि मिश्रित टीम की जोड़ी निशानेबाजी दल को पहला स्वर्ण पदक दिलाएगी।

अब यह इंतजार बुधवार तक जारी रहेगा जब दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर अपनी पसंदीदा महिला 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में उतरेंगी।

मनु के साथ ईशा सिंह और सुरूचि इंदर सिंह भी चुनौती पेश करेंगी। ईशा उन निशानेबाजों में शामिल हैं जिन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में नियमित रूप से मनु को कड़ी चुनौती दी है और उन्हें हराया भी है।

यह तिकड़ी भारत को मजबूत स्थिति में रखती है और देश की नजरें निशानेबाजी में जारी स्वर्ण पदक के इंतजार को खत्म करने पर होंगी।

तीन दिन की करीबी हार और रजत पदकों के बाद अब लक्ष्य स्पष्ट है कि शानदार प्रदर्शन को स्वर्ण पदक में बदलना है।

भाषा सुधीर पंत

पंत


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