टेस्ट क्रिकेट के लिए 25-30 क्रिकेटरों को रखना चाहिए: पुजारा

टेस्ट क्रिकेट के लिए 25-30 क्रिकेटरों को रखना चाहिए: पुजारा

टेस्ट क्रिकेट के लिए 25-30 क्रिकेटरों को रखना चाहिए: पुजारा
Modified Date: May 6, 2026 / 09:33 pm IST
Published Date: May 6, 2026 9:33 pm IST

मुंबई, छह मई (भाषा) पूर्व क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा ने कहा है कि अगर कोई क्रिकेटर भारत के लिए सिर्फ सीमित ओवरों के प्रारूप में खेलना चाहता है तो यह ठीक है लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग में नहीं खेलने वाले 25 से 30 खिलाड़ियों को उनके घरेलू प्रदर्शन के आधार पर टेस्ट क्रिकेट के लिए रखना चाहिए।

पुजारा ने कहा कि वह सभी युवा खिलाड़ियों से आग्रह करेंगे कि वे भारत के लिए सभी प्रारूप में खेलने वाले खिलाड़ी बनने पर गंभीरता से विचार करें लेकिन सीमित ओवरों के प्रारूप में खेलने के इच्छुक खिलाड़ियों के लिए लाल गेंद के प्रारूप के हुनर ​​सीखना जरूरी नहीं है।

जब पुजारा से पूछा गया कि क्या आईपीएल में सफलता के लिए लाल गेंद के प्रारूप की बुनियादी बातें अब भी जरूरी हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बात से सहमत हूं कि कुछ सफेद गेंद के खिलाड़ी, विशेषकर बल्लेबाजों ने लाल गेंद का अधिक क्रिकेट नहीं खेला है लेकिन उन्हें इसकी जरूरत भी नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप ऐसे खिलाड़ी की तलाश में हैं जो टी20 प्रारूप में विशेषज्ञता हासिल करना चाहता है या जो सिर्फ सीमित ओवरों का क्रिकेट खेलना चाहता है तो क्या उन्हें सचमुच टेस्ट क्रिकेट सीखने की जरूरत है?’’

पुजारा ने कहा, ‘‘अगर वे तीनों प्रारूप नहीं खेलना चाहते तो बिल्कुल नहीं। जिस तरह से क्रिकेट आगे बढ़ रहा है हम ऐसे खिलाड़ी देखेंगे जो सीमित ओवरों के क्रिकेट को चुनेंगे और ऐसे खिलाड़ी जो टेस्ट क्रिकेट को चुनेंगे। मुझे भविष्य में चीजें इसी तरह आगे बढ़ती दिख रही हैं।’’

पुजारा ने टेस्ट क्रिकेट के उन प्रमुख गेंदबाजों का उदाहरण दिया जो बल्लेबाजों के दबदबे वाले आईपीएल में भी अब तक सफल हो रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप उन गेंदबाजों को देखें जो आईपीएल में सफल रहे हैं। उदाहरण के लिए भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, कागिसो रबाडा जैसे खिलाड़ी… ये सभी बेहतरीन टेस्ट क्रिकेटर रहे हैं।’’

पुजारा ने कहा, ‘‘अगर आप उनकी लाइन और लेंथ देखें तो वे टेस्ट क्रिकेट में बहुत सफल रहे हैं और यही वजह है कि उन्हें टी20 प्रारूप में भी सफलता मिल रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं किसी भी युवा खिलाड़ी को लाल गेंद के क्रिकेट से दूर रहने की सलाह नहीं दूंगा। लेकिन अगर वैभव सूर्यवंशी जैसा कोई खिलाड़ी जिसने लाल गेंद का अधिक क्रिकेट नहीं खेला है, आईपीएल में आता है और सभी गेंदबाजों के खिलाफ छक्के लगाता है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।’’

पुजारा ने कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने सिर्फ लाल गेंद के प्रारूप के लिए खिलाड़ियों पर ध्यान देना शुरू कर दिया है और ऐसे 25 से 30 खिलाड़ियों को भविष्य के लिए तैयार किया जाना चाहिए जो आईपीएल में नहीं खेलते।

उन्होंने कहा, ‘‘आप जानते हैं कि आपको सफेद गेंद के प्रारूप के लिए टीमें चुननी होंगी और फिर लाल गेंद के प्रारूप के लिए एक टीम चुननी होगी इसलिए आपको भारतीय घरेलू क्रिकेट में 25 से 30 ऐसे खिलाड़ियों की पहचान करनी होगी जो हमारे लिए लाल गेंद के प्रारूप के खिलाड़ी हैं।’’

भाषा सुधीर मोना

मोना


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