बैडमिंटन युगल के स्तर में सुधार करने पर ध्यान देना जरूरी: विमल कुमार

बैडमिंटन युगल के स्तर में सुधार करने पर ध्यान देना जरूरी: विमल कुमार

बैडमिंटन युगल के स्तर में सुधार करने पर ध्यान देना जरूरी: विमल कुमार
Modified Date: January 16, 2026 / 03:31 pm IST
Published Date: January 16, 2026 3:31 pm IST

(अमित कुमार दास)

नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) भारतीय टीम के पूर्व कोच विमल कुमार ने गुरुवार को यहां कहा कि भारत को युगल खिलाड़ियों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है और इसके लिए उसे बैडमिंटन के प्रमुख देशों के साथ द्विपक्षीय श्रृंखला और टेस्ट मैच आयोजित करने चाहिए।

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी दुनिया की सर्वश्रेष्ठ जोड़ियों में से एक है, लेकिन कुमार ने कहा कि अन्य खिलाड़ियों का स्तर काफी खराब है जो चिंता का विषय है।

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द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित कुमार ने पीटीआई से कहा, ‘‘‘हमें युगल के स्तर को सुधारने पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। पुरुष युगल, महिला युगल और मिश्रित युगल में देश का स्तर चिंता का विषय है। तनीशा और ध्रुव कपिला अभी शीर्ष जोड़ियों के स्तर तक नहीं पहुंचे हैं, इसलिए हमें इन जोड़ियों पर अधिक ध्यान देना चाहिए।’’

प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी के सह-संस्थापक और मुख्य कोच कुमार ने कहा, ‘‘हमें मलेशिया, थाईलैंड और इंडोनेशिया के साथ अच्छे संबंध रखने चाहिए। उनकी अंडर-21 टीमों के साथ हमें टेस्ट मैच खेलने चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम इन पड़ोसी देशों के साथ एक सर्किट बना सकते हैं और इसे तीन या चार शहरों में आयोजित कर सकते हैं। जब आप टीम प्रतियोगिताओं में खेलते हैं तो दबाव अलग होता है और युवा खिलाड़ी अपने आप बेहतर प्रदर्शन करते हैं।’’

पीवी सिंधू, साइना नेहवाल और लक्ष्य सेन को कोचिंग दे चुके 63 वर्षीय कुमार ने भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) से इस पर पहल करने का आग्रह किया और एक व्यावहारिक मॉडल के रूप में द्विपक्षीय या त्रिकोणीय श्रृंखला का सुझाव दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत और इंडोनेशिया के बीच टेस्ट मैच कराएं या एक और देश को शामिल करके इसे त्रिकोणीय श्रृंखला बना दें। इसमें प्रत्येक टीम में केवल 10 खिलाड़ी होंगे। इससे सभी को फायदा होगा। हमें यह पहल करनी चाहिए।’’

कुमार ने आगे कहा कि हालांकि भारत का घरेलू बैडमिंटन सर्किट प्रतिस्पर्धी है, लेकिन पूर्वी देशों की खेल शैली से परिचित होना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे घरेलू टूर्नामेंट अच्छे हैं, लेकिन हमारा खेलने का तरीका अलग है। पूर्वी देशों की खेल शैली अलग है। आप अपने खिलाड़ियों को उनकी खेल शैली का अनुभव कैसे दिला सकते हैं। इसके लिए हमें उनके साथ निरंतर खेलना होगा। इसी तरह आप इस अंतर को पाट सकते हैं।‘‘

कुमार ने कहा, ‘‘हम मुख्य रूप से अपने शीर्ष खिलाड़ियों पर ध्यान देते हैं। उन्हें किसी तरह की शिकायत नहीं होनी चाहिए लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलने के लिए समर्थन की जरूरत है। हमें उन पर ध्यान देना होगा। हमारे पास शीर्ष 100 और शीर्ष 50 में कई अच्छे खिलाड़ी हैं। चुनौती शीर्ष 30 में जगह बनाना है, जो आसान नहीं है।’’

भाषा

पंत मोना

मोना


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