गुजरात ने 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए 301 करोड़ रुपये आवंटित किए, आयोजन कंपनी गठित की

गुजरात ने 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए 301 करोड़ रुपये आवंटित किए, आयोजन कंपनी गठित की

गुजरात ने 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए 301 करोड़ रुपये आवंटित किए, आयोजन कंपनी गठित की
Modified Date: September 10, 2026 / 07:51 pm IST
Published Date: September 10, 2026 7:51 pm IST

गांधीनगर, 10 सितंबर (भाषा) गुजरात सरकार ने 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारियों के लिए 301 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं जिसमें मेजबानी शुल्क के भुगतान के लिए 200 करोड़ रुपये शामिल हैं।

राज्य विधानसभा को बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई।

खेल और युवा सेवा विभाग का प्रभार संभाल रहे उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। यह सवाल कांग्रेस विधायक अमित चावड़ा ने पूछा था।

संघवी ने पुष्टि की कि गुजरात को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का अधिकार मिल गया है। उन्होंने बताया कि राज्य ने खेलों के लिए मेजबान सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और मेजबानी शुल्क का भुगतान भी कर दिया है।

जवाब के अनुसार राज्य सरकार ने खेलों की योजना और प्रबंधन के लिए ‘अमदावाद 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स ऑर्गेनाइजेशन’ नाम से एक कंपनी भी गठित की है जो ‘कंपनी अधिनियम 2013 की धारा आठ के अंतर्गत 12 अगस्त 2026 के एक प्रस्ताव के माध्यम से बनाई गई है।

उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन, खेल स्थलों के प्रबंधन और खेलों से संबंधित अन्य व्यवस्थाओं के लिए आवश्यक कार्रवाई भी की गई है।

संघवी ने बताया कि आयोजन की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार ने राष्ट्रमंडल खेल, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों के साथ चर्चा की है।

जवाब के अनुसार, पिछले एक वर्ष में 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के लिए राजस्व मद के तहत 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

इसके अलावा पूंजीगत मद के तहत एक करोड़ रुपये सांकेतिक प्रावधान के रूप में रखे गए हैं। वहीं मेजबान सहयोग समझौते के तहत मेजबानी शुल्क के भुगतान के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

इस प्रकार, 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए कुल 301 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी गुजरात करेगा और अहमदाबाद इन खेलों की तैयारियों का मुख्य केंद्र होगा।

भाषा नमिता सुधीर

सुधीर


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