बीसीसीआई द्वारा डीसीएचएल को 4,800 करोड़ रुपये के भुगतान के फैसले पर उच्च न्यायालय ने रोक लगाई

बीसीसीआई द्वारा डीसीएचएल को 4,800 करोड़ रुपये के भुगतान के फैसले पर उच्च न्यायालय ने रोक लगाई

बीसीसीआई द्वारा डीसीएचएल को 4,800 करोड़ रुपये के भुगतान के फैसले पर उच्च न्यायालय ने रोक लगाई
Modified Date: November 29, 2022 / 08:12 pm IST
Published Date: June 16, 2021 9:50 am IST

मुंबई, 16 जून (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने मध्यस्थ के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) को इंडियन प्रीमियर लीग से डेक्कन चार्जर्स फ्रेंचाइजी टीम को कथित तौर पर गैरकानूनी रूप से बर्खास्त करने के लिए उसके स्वामित्व वाले डेक्कन क्रोनिकल होल्डिंग्स लिमिटेड (डीसीएचएल) को 4800 करोड़ रुपये का भुगतान का निर्देश दिया गया था।

न्यायमूर्ति गौतम पटेल की अध्यक्षता वाली एकल पीठ ने पिछले साल जुलाई के आदेश को खारिज कर दिया। यह आदेश उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त एकल मध्यस्थ ने दिया था जिसे यह सुनिश्चित करने को कहा गया था कि 2012 में आईपीएल के पांचवें सत्र के दौरान फ्रेंचाइजी को रद्द करना गैरकानूनी था या नहीं।

मध्यस्थ ने बर्खास्तगी को गैरकानूनी करार देते हुए बीसीसीआई को डीसीएचएल को 4814.67 करोड़ रुपये मुआवजे के अलावा 2012 से 10 प्रतिशत ब्याज का भुगतान करने को भी कहा था।

अदालत के विस्तृत आदेश का इंतजार है।

भाषा सुधीर मोना

मोना


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