हीरोज: 15 भारतीय खिलाड़ियों के साहस और जज्बे की कहानियों को समेटे हुए है यह किताब
हीरोज: 15 भारतीय खिलाड़ियों के साहस और जज्बे की कहानियों को समेटे हुए है यह किताब
नयी दिल्ली, 20 जून (भाषा) ओलंपिक में 2021 में पदार्पण के दौरान निशानेबाज मनु भाकर को खराब पिस्तौल की वजह से निराशा हाथ लगी थी, उसी साल तलवारबाज सीए भवानी देवी अपने पहले ओलंपिक सफर में दो दौरे से आगे नहीं बढ़ पाई थीं जबकि मुक्केबाज निकहत जरीन को ओलंपिक क्वालीफायर में जगह बनाने के लिए हुए मुकाबले में अपनी आदर्श मैरीकोम के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।
ये झटके कुछ समय के लिए ही थे लेकिन दोबारा फॉर्म में लौटने का सफर मुश्किल था और इसके लिए लगातार कोशिशों की जरूरत थी। वे जल्द ही अपने-अपने खेल के मैदान में लौट आईं। और बाकी तो खेल के इतिहास का हिस्सा बन गया।
पत्रकार और लेखक थिरुमोय बनर्जी ने अपनी किताब ‘हीरोज: द चेंजमेकर्स ऑफ इंडियन स्पोर्ट्स’ में 15 भारतीय खिलाड़ियों के दृढ़ संकल्प, हिम्मत और कड़ी मेहनत की कहानियों को शामिल किया है। स्कोलास्टिक इंडिया ने इस किताब को प्रकाशित किया है।
एक साल से अधिक समय तक चले साक्षात्कार, अध्ययन और गहरी पड़ताल पर आधारित यह किताब कुछ मशहूर खिलाड़ियों के साथ-साथ कम जाने-पहचाने खिलाड़ियों की कहानियां भी बताती है। इनमें तीरंदाज शीतल देवी, भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल, श्रीहरि नटराज, ताइक्वांडो खिलाड़ी अमन कुमार कादयान, नौकायन खिलाड़ी विष्णु सरवनन और घुड़सवार दिव्यकृति सिंह शामिल हैं।
बनर्जी किताब में लिखते हैं, ‘‘अपने समय के 15 खिलाड़ियों को चुनना आसान नहीं था। इस किताब के जरिए हम नतीजों का नहीं बल्कि फिनिश लाइन तक पहुंचने की कोशिशों और सफर का जश्न मनाते हैं क्योंकि कामयाबी का रास्ता हमेशा एक जैसा ही होता है – हिम्मत, भरोसे और मजबूती से।’’
धाविका पारूल चौधरी, पहलवान अमन सहरावत, स्पीड स्केट खिलाड़ी हीरल संधू, ट्रैक एवं फील्ड खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर, बैडमिंटन खिलाड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी तथा टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल की कहानियां भी किताब में शामिल हैं।
इस किताब की कीमत 399 रुपये है और यह ऑनलाइन तथा ऑफलाइन उपलब्ध है।
भाषा सुधीर मोना
मोना

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