मुझे विश्वास है कि भविष्य में योगासन ओलंपिक में जगह बनायेगा : प्रधानमंत्री मोदी
मुझे विश्वास है कि भविष्य में योगासन ओलंपिक में जगह बनायेगा : प्रधानमंत्री मोदी
नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) अहमदाबाद में पहली विश्व योगासन खेल चैम्पियनशिप को योग के नये चरण का शुभारंभ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्हें विश्वास है कि भविष्य में योगासन ओलंपिक समेत अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में अपनी जगह बनायेगा ।
अहमदाबाद में पहली विश्व योगासन खेल चैम्पियनशिप की शुरूआत की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअल भाषण में कहा ,‘‘अहमदाबाद की धरती से विश्व की खेल विरासत में एक और नया अध्याय जुड़ा है । पहली विश्व योगासन चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने आये सभी देशों के खिलाड़ियों का भारत में स्वागत करता हूं ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे विश्वास है कि भविष्य में योगासन भी अंतरराष्ट्रीय खेलों में अपनी जगह बनायेगा । ओलंपिक हो या बहुखेल आयोजन हो ।निश्चित तौर पर अहमदाबाद में होने वाली पहली योगासन विश्व चैम्पियनशिप की इसमें बड़ी भूमिका होगी ।’’
अहमदाबाद में हो रही इस चैम्पियनशिप में 60 से अधिक देशों के 400 से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं । मेजबान भारत ने 122 सदस्यीय दल उतारा है जिसमें खिलाड़ी छह वर्ग में मुकाबला करेंगे। ये खिलाड़ी पांच दिन में व्यक्तिगत और कलात्मक स्पर्धा में अपना कौशल दिखायेंगे ।
प्रधानमंत्री मोदी ने योगासन खेल के विस्तार को नयी संभावनाओं का सृजनकर्ता बताते हुए कहा ,‘‘ हर बड़ा आयोजन अपने साथ रोजगार के नये अवसर पैदा करता है । जैसे जैसे योगासन खेल का विस्तार होगा, इससे जुड़ी नयी संभावनायें बनेंगी । यह खिलाड़ियों , ट्रेनर, खेल वैज्ञानिक, शोधकर्ताओं और इवेंट मैनेजर्स के लिये भी नये अवसर बनायेगा ।’’
योगासन वर्तमान में आधिकारिक ओलंपिक खेलों का हिस्सा नहीं है। हालांकि इसे वैश्विक खेल के रूप में मान्यता दिलाने के प्रयास तेजी से चल रहे हैं। भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थायें इसे 2036 ओलंपिक में शामिल कराने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत हैं जिसकी मेजबानी का भारत इच्छुक है ।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विश्व योग दिवस से पहले यह चैम्पियनशिप खेल और फिटनेस की ‘डबल डोज’ लेकर आई है ।
उन्होंने कहा,‘‘अहमदाबाद यूनेस्को विश्व हेरिटेज सिटी है और भारत के इस ऐतिहासिक शहर में ये आयोजन पूरे देश के लिये गर्व की बात है । यह चैम्पियनशिप ऐसे समय में हो रही है जब पूरी दुनिया 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी में जुटी है । यह अपने आप में खेल और फिटनेस की डबल डोज लेकर आई है ।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज करोड़ों लोगों ने योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है और योगासन चैम्पियनशिप योग के नये चरण का शुभारंभ है ।
उन्होंने कहा ,‘‘ हर जीवन परंपरा समय के साथ नये चरण में प्रवेश करती है । योगासन खेल की विश्व चैम्पियनशिप योग के लिये इसी चरण का शुभारंभ है । इसके माध्यम से योगासन को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में नयी पहचान मिलेगी ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ करीब एक दशक पहले भारत संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव लेकर गया था । हम प्राचीन भारतीय परंपरा को पूरी मानवता के स्वास्थ्य और सामूहिक कल्याण से जोड़ना चाहते थे और तब 190 देशों ने यूएन में भारत के इस प्रस्ताव का समर्थन किया ।’’
उन्होंने योग को न्यूनतम बजट में स्वस्थ जीवनशैली का उपाय बताते हुए कहा कि ‘हर रोज योग, भगायेगा सारे रोग’ के मंत्र को याद रखना है ।
प्रधानमंत्री मोदी ने चैम्पियनशिप में भाग ले रहे खिलाड़ियों से लौटते समय योग के संदेश को साथ ले जाने का आग्रह भी किया ।
उन्होंने कहा ,‘‘भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने योग 365 अभियान शुरू किया है । मैं इस चैम्पियनशिप में भाग ले रहे सभी खिलाड़ियों से भी आग्रह करूंगा कि अपने देश योग के इस संदेश को भी साथ ले जायें ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ आप अपने देश में योग 365 के दूत बन सकते हैं । आपका अनुभव और योग के प्रति आपका विश्वास पूरे विश्व को इस संदेश से जोड़ सकता है । इस प्रतियोगिता में जीत चाहे जिसकी भी हो , इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय का हिस्सा बनकर आप पहले ही चैम्पियन बन गए हैं ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘आपकी प्रतिभा और अनुशासन दुनिया भर के युवाओं को प्रेरित करेगा ।’’
भाषा मोना सुधीर
सुधीर

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