मैं खुद को हरफनमौला मानती हूं: शेफाली
मैं खुद को हरफनमौला मानती हूं: शेफाली
मैनचेस्टर, 24 जून (भाषा) भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विस्फोटक सलामी बल्लेबाज शफाली वर्मा ने बुधवार को यहां कहा कि गेंदबाजी में उनकी बढ़ती भूमिका के पीछे कड़ी तैयारी और मानसिक अभ्यास है।
उन्होंने बताया कि इसी मेहनत के कारण वह अब एक ऐसी हरफनमौला खिलाड़ी बन रही हैं, जो टीम के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में योगदान दे सकती हैं।
अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जानी जाने वाली शफाली वर्मा ने पिछले कुछ समय से ऑफ स्पिन गेंदबाजी से भी टीम को अहम योगदान दिया है। उन्होंने मौजूदा टी-20 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले ओवर में गेंदबाजी भी की थी।
शफाली ने बांग्लादेश के खिलाफ भारत के मैच की पूर्व संध्या पर कहा, “ऐसा नहीं है कि मैंने पहले कभी गेंदबाजी नहीं की है। जब मैं हरियाणा के लिए घरेलू क्रिकेट खेलती थी और कप्तान भी रहती थी, तब मैं हमेशा यह सोचने के लिए समय निकालती थी कि अगर मुझे भारत के लिए गेंदबाजी करने का मौका मिले तो मैं उसे कैसे अंजाम दूंगी।”
उन्होंने कहा कि वह अतिरिक्त जिम्मेदारी लेने से नहीं हिचकतीं और जब भी टीम को जरूरत होती है, वह आगे बढ़कर भूमिका निभाने के लिए तैयार रहती हैं।
शफाली ने खुद को हरफनमौला करार देते हुए कहा, “मैंने उन परिस्थितियों की कल्पना की है। अगर मैं किसी खास मैच स्थिति में गेंदबाजी कर रही हूं तो मुझे क्या सोचना चाहिए, यह सब मैंने पहले से तैयार किया है और मेहनत की है। इसी वजह से मैं अच्छा प्रदर्शन कर पा रही हूं।”
उन्होंने कहा, “एक खिलाड़ी के तौर पर चाहे जैसी भी स्थिति हो और टीम को जिसकी भी जरूरत हो, मैं हमेशा आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेती हूं। मैं टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकालकर जीत दिलाना चाहती हूं, इसलिए अब मैं खुद को एक ऑलराउंडर मानती हूं।”
शफाली ने कहा कि टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार से आगे बढ़ने के लिए तैयार है और एक बार में एक मैच पर ध्यान देगी।
उन्होंने कहा, “जब हमारे बुरे दिन होते हैं तो खिलाड़ियों का मनोबल गिरता है, लेकिन अगले दिन हम सब जानते हैं कि हमें एक साथ आकर एक-दूसरे को प्रेरित करना है। हमने इस पर बात की है और हमें पता है कि ये बहुत अहम मुकाबले हैं, लेकिन हम एक-दूसरे का साथ देंगे। हम एक बार में एक दिन पर ध्यान दे रहे हैं और वर्तमान में रहने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने टीम की मानसिक मजबूती पर कहा, “हम सभी बहुत मैच खेल चुके हैं और काफी परिपक्व हैं। मुझे नहीं लगता कि हम इस स्थिति को फिर से इस विश्व कप में दोहराएंगे। हम अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करेंगे।”
भाषा आनन्द
आनन्द

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