सियासी रंग में रंगे ‘ताबड़तोड़ क्रिकेट’ के महासमर में भारत खिताब का सबसे प्रबल दावेदार
सियासी रंग में रंगे ‘ताबड़तोड़ क्रिकेट’ के महासमर में भारत खिताब का सबसे प्रबल दावेदार
(कुशान सरकार)
नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप के सबसे बड़े टूर्नामेंट से पहले चर्चा खिलाड़ियों या खेल की नहीं बल्कि मैदान से बाहर की गतिविधियों की ही रही है और शायद राजनीति का इतना असर किसी विश्व कप पर पहले देखने में आया हो ।
भारत और श्रीलंका में शनिवार से टी20 विश्व कप शुरू हो रहा है जिसमें सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली गत चैम्पियन भारतीय टीम खिताब की सबसे प्रबल दावेदार है । लेकिन चर्चा खिलाड़ियों या प्रबल दावेदारों पर हो कहां रही है ।
खेल की राजनीति या राजनीति में खेल का ऐसा नजारा पहली बार देखने को मिला है ।
भारत में सुरक्षा कारणों का हवाला देकर खेलने से इनकार पर बांग्लादेश टूर्नामेंट से बाहर हो गया । वहीं अपने पड़ोसी के समर्थन में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच खेलने से इनकार कर दिया ।
दोनों देशों ने इस संकट के लिये भारत को कसूरवार ठहराया जिसकी शुरूआत बीसीसीआई के निर्देश पर बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्ताफिजूर रहमान को आईपीएल से बाहर करने पर हुई ।
बांग्लादेश ने रहमान के बाहर होने को राष्ट्रीय गौरव का मसला बताकर भारत में खेलने से इनकार कर दिया जिसकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में जगह मिली ।
मामला और बिगड़ गया जब पाकिस्तान इसमें कूद पड़ा और बड़ी सियासी तस्वीर को देखते हुए बांग्लादेश को समर्थन का ऐलान कर दिया ।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने इस फैसले को सही करार दिया ।
टूर्नामेंट की एक गेंद भी नहीं फेंकी गई है और आईसीसी तथा प्रसारकों की नजरें संभावित नुकसान पर है जबकि पाकिस्तान को भी इस फैसले के गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं । भारत और पाकिस्तान के विश्व कप मुकाबले हमेशा रोमांचक होते हैं और क्रिकेट की वैश्विक अर्थव्यवस्था में इनका बड़ा योगदान रहता है ।
मैदान से बाहर की सुर्खियों से इतर खेल पर बात करें तो भारत के लिये चुनौती बहुत कठिन नहीं दिख रही । प्रदर्शन और श्रेष्ठता के मामले में कोई टीम सूर्यकुमार यादव की टीम के मुकाबिल नहीं दिखती ।
पाकिस्तान शनिवार को कोलंबो में नीदरलैंड से खेलेगा जिसमें उसकी जीत लगभग तय है ।
आस्ट्रेलिया विश्व कप की धुरंधर रही है लेकिन इस बार तेज गेंदबाज पैट कमिंस और जोश हेजलवुड फिटनेस कारणों से टीम में नहीं है । गेंदबाजी का जिम्मा बेन ड्वारशुइस, जेवियर बार्लेट और नाथन एलिस पर होगा ।
बल्लेबाजी में ट्रेविस हेड, जोश इंगलिस, कप्तान मिचेल मार्श , मार्कस स्टोइनिस और ग्लेन मैक्सवेल जैसे दिग्गज हैं । स्पिनर मैट कुहनेमन और एडम जम्पा की भूमिका भी अहम होगी ।
इंग्लैंड की बात करें तो बल्लेबाजी में उसके पास हैरी ब्रूक, जोस बटलर, बेन डकेट और फिल साल्ट हैं लेकिन उनका सामना वरूण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव और अक्षर पटेल जैसे दिग्गजों से होगा ।
दक्षिण अफ्रीका भी प्रबल दावेदारों में से है जिसके पास भारत के बाद दूसरा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमण है जिसमें कैगिसो रबाडा, एनरिच नॉर्किया, मार्को यानसेन, केशव महाराज जैसे गेंदबाज हैं । बल्लेबाजी में क्विंटोन डिकॉक, एडेन माक्ररम, डेविड मिलर, रियान रिकेलटन और ट्रिस्टन स्टब्स का अनुभव काम आयेगा ।
न्यूजीलैंड एक महीने से भारत में है और यह अनुभव उसके काम आयेगा । फिन एलेन ने भारत के खिलाफ आखिरी टी20 में अच्छा प्रदर्शन किया है । ग्लेन फिलिप्स और डेरिल मिचेल भी उपयोगी पारियां खेल चुके हैं ।
लॉकी फर्ग्युसन की रफ्तार, जैकब डफी की विविधता और कप्तान मिचेल सेंटनेर का अनुभव उन्हें कठिन प्रतिद्वंद्वी बनाता है ।
श्रीलंका अपनी सरजमीं पर खेल रहा है जिसके पास वानिंदु हसरंगा, महीष तीक्षणा, दुनिथ वेलालागे जैसे स्पिनर और मथीषा पथिराना तथा दुष्मंता चामीरा जैसे तेज गेंदबाज हैं ।
पहली बार टी20 विश्व कप में 20 टीमें भाग ले रही हैं । अमेरिकी टीम में भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका के कई खिलाड़ी हैं । नेपाल टीम में दीपेंद्र सिंह एरी हैं जिनके नाम सबसे तेज टी20 अर्धशतक (नौ गेंद में , एशियाई खेलों में मंगोलिया के खिलाफ) का रिकॉर्ड है ।
वहीं फुटबॉल प्रेम के लिये मशहूर इटली भी विश्व कप में खेल रहा है ।
भाषा मोना
मोना

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