भारत ने तीसरी बार टी20 विश्व कप जीतकर इतिहास रचा
भारत ने तीसरी बार टी20 विश्व कप जीतकर इतिहास रचा
अहमदाबाद, आठ मार्च (भाषा) सूर्यकुमार यादव की टीम ने भारतीय क्रिकेट का एक और स्वर्णिम अध्याय लिखते हुए रविवार को न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर भारत को तीसरी बार टी20 विश्व कप दिलाया जिसमें संजू सैमसन की भूमिका अहम रही तो जसप्रीत बुमराह के योगदान को भी याद रखा जायेगा ।
भारतीय टीम लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप जीतने वाली पहली पुरूष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम बनी ।
इसके साथ ही तीन साल पहले इसी मैदान पर आस्ट्रेलिया से वनडे विश्व कप फाइनल हारने वाली रोहित शर्मा की टीम के पुराने जख्मों पर भी मरहम लग गया होगा ।
संजू सैमसन ने 46 गेंद में 89 और अभिषेक शर्मा ने 21 गेंद में 52 रन बनाकर भारत को पावरप्ले में ही 98 रन तक पहुंचाते हुए जीत की नींव रख दी थी । भारत ने पहले बल्लेबाजी के लिये भेजे जाने पर पांच विकेट पर 255 रन बनाये ।
न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सेंटनेर को कोल मैकोंची की जगह जैकब डफी को अंतिम एकादश में उतारने का खामियाजा भुगतना पड़ा । करीब 86000 दर्शकों के सामने न्यूजीलैंड की टीम 159 रन पर आउट हो गई ।
मुंबई के चैंबूर में रहने वाले सूर्यकुमार ने अपना नाम महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के बाद टी20 विश्व कप जीतने वाले कप्तानों में शामिल कर लिया । वहीं लगातार दो टी20 विश्व कप जिताने वाले कोच गौतम गंभीर के योगदान को भी भुलाया नहीं जा सकता ।
जसप्रीत बुमराह ने एक बार फिर चार ओवर में 15 रन देकर चार विकेट चटकाते हुए साबित कर दिया कि वह दुनिया के नंबर एक तेज गेंदबाज क्यो है । उनका इस विश्व कप में प्रदर्शन क्रिकेट की किवदंतियों में शुमार रहेगा ।
आईपीएल के बड़े बड़े सितारों से भरी यह भारतीय टीम पहले ही से खिताब की सबसे प्रबल दावेदार मानी जा रही थी । हर मैच में एक नये ‘मैच विनर’ के साथ यह दावा और पुख्ता होता चला गया ।
भारतीय क्रिकेट में 2007 में पहले टी20 विश्व कप में मिली खिताबी जीत अगर ऐतिहासिक थी तो इस जीत को भी 2023 के जख्मों पर मरहम के रूप में याद रखा जायेगा ।
पूरे टूर्नामेंट में खराब फॉर्म से जूझ रहे अभिषेक शर्मा का बल्ला फाइनल में खूब चला । वहीं सैमसन ने अपने कैरियर का सबसे यादगार प्रदर्शन करते हुए पूरे देश का दिल जीता ।
बुमराह के यॉर्कर, अक्षर पटेल के अकल्पनीय कैच और ईशान किशन की बल्लेबाजी की चर्चा बरसों तक होगी ।
अभिषेक ने 21 गेंद में 52 रन बनाये जबकि सैमसन ने 46 गेंद में 89 रन की पारी खेली । उन्होंने लांग आन, लांग आफ और स्क्वेयर लेग के ऊपर से कुल आठ छक्के लगाकर खचाखच भरे दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम में बैठे दर्शकों को रोमांचित कर दिया ।
उन्होंने रचिन रविंद्र , लॉकी फर्ग्यूसन और मैट हेनरी की गेंदों की जमकर धुनाई करके मैदान के चारों ओर रन बनाये ।
वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ शानदार पारियां खेलने वाले केरल के सैमसन ने एक और जबर्दस्त पारी खेलकर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया ।
वहीं कश्मीर से कन्याकुमारी तक आलोचकों के कोपभाजन बने अभिषेक ने आखिरकार अपनी प्रतिभा के दर्शन कराते हुए न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों को दबाव में ला दिया । उन्होंने 18 गेंद में 50 रन बनाये और छक्के के साथ अर्धशतक तक पहुंचे ।
न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सेंटनेर से नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच को भांपने में गलती हुई और टीम चयन में वह चूक गए । उन्होंने आफ स्पिनर कोल मैकोंची को नहीं चुना जिन्होंने सेमीफाइनल में क्विंटोन डिकॉक और रियान रिकेलटन को आउट किया था ।
अभिषेक ने मैकोंची की जगह खेल रहे जैकब डफी की गेंद पर पांच चौके लगाये । डफी ने तीन ओवर में 42 रन दे डाले और उन्हें कोई विकेट नहीं मिली ।
हेनरी ने चार ओवर में 49 रन दिये और एक विकेट चटकाया । भारत ने पावरप्ले के छह ओवरों में 92 रन बना लिये थे ।
रचिन रविंद्र ने अभिषेक को आउट करके 43 गेंद में बनी 98 रन की साझेदारी को तोड़ा । नये बल्लेबाज ईशान किशन ने रनगति कायम रखते हुए चार छक्के और चार चौके लगाये ।
सैमसन और ईशान ने 48 गेंद में 105 रन की साझेदारी करके भारत को 200 रन के पार पहुंचाया । जिम्मी नीशाम ने हालांकि सैमसन, ईशान और कप्तान सूर्यकुमार यादव (0) को 16वें ओवर में आउट करके रनगति पर अंकुश लगाने की कोशिश की लेकिन तब तक बड़ा स्कोर बन चुका था।
डफी को पहले ही ओवर में तीन चौके पड़े जबकि ग्लेन फिलिप्स ने दूसरा ओवर काफी किफायती डाला । अभिषेक ने फर्ग्यूसन और हेनरी को छक्के लगाये ।
भाषा
मोना नमिता
नमिता

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