भारतीय नौकायन खिलाड़ियों की नजरें एशियाई खेलों में स्वर्ण के आठ साल के सूख को खत्म करने पर

भारतीय नौकायन खिलाड़ियों की नजरें एशियाई खेलों में स्वर्ण के आठ साल के सूख को खत्म करने पर

भारतीय नौकायन खिलाड़ियों की नजरें एशियाई खेलों में स्वर्ण के आठ साल के सूख को खत्म करने पर
Modified Date: May 20, 2026 / 08:00 pm IST
Published Date: May 20, 2026 8:00 pm IST

नयी दिल्ली, 20 मई (भाषा) भारत के शीर्ष नौकायन (रोइंग) खिलाड़ियों बलराज पंवार और बाबू लाल यादव ने इस साल जापान में होने वाले एशियाई खेलों में नौकायन में देश के स्वर्ण पदक के इंतजार को खत्म करने का भरोसा जताया।

भारत ने एशियाई खेलों में नौकायन में दो स्वर्ण पदक जीते हैं जिसमें से एक 2010 में ग्वांगझू में और दूसरा 2018 में जकार्ता में जीता। 2023 में हांगझोउ में हुए एशियाई खेलों में भारतीय टीम पदक लेकर लौटी थी जिसमें दो रजत और तीन कांस्य पदक शामिल थे।

यादव ने तीन साल पहले कॉक्सलेस पेयर्स स्पर्धा में कांस्य जीता था जबकि पंवार एकल स्कल्स में चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूक गए थे।

सेना के ये दोनों जवान 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारतीय नौकायन टीम का हिस्सा होंगे और पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि उन्हें मिल रहे सहयोग और पुणे में ‘आर्मी रोइंग नोड’ में चल रही जोरदार तैयारियों की बदौलत भारत इस बड़ी महाद्वीपीय प्रतियोगिता में नौकायन के स्वर्ण पदक के अपने अपने आठ साल के इंतजार को खत्म कर सकता है।

बुधवार को भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) द्वारा आयोजित एक बातचीत के दौरान यादव ने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि इस बार हम एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जरूर जीतेंगे। हमारे ऑस्ट्रेलियाई कोच एंथनी पैटरसन बहुत अनुभवी व्यक्ति हैं और जिस तरह से वे अपने अनुभव हमारे साथ साझा करते हैं उससे टीम के भीतर जीतने वाली मानसिकता बनाने में मदद मिल रही है।’’

मेक्सिको, कनाडा और जापान में काम कर चुके पैटरसन पुणे में आर्मी रोइंग नोड से जुड़े हुए हैं। वह भारतीय टीम में डेटा आधारित सुधारों को आगे बढ़ाने में सबसे आगे रहे हैं।

उन्होंने खेल विशिष्ट प्रदर्शन निगरानी प्रणालियों के बारे में बहुमूल्य जानकारी दी है जिससे खिलाड़ियों को इस खेल में शामिल बायोमैकेनिक्स और काइनेटिक्स को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिली है।

पंवार ने कहा, ‘‘इस डिवाइस का नाम स्पीड कोच है। यह हमें बताता है कि हमने कितने किलोमीटर रोइंग की है, हर स्ट्रोक में हम कितनी ताकत पैदा कर रहे हैं और हमारे प्रदर्शन के हर पहलू को हमें विस्तृत डेटा देता है। यह हमारी प्रगति पर नजर रखता है।’’

पंवार ने कहा कि 2023 के एशियाई खेलों में वह मेडल जीतने से चूक गए क्योंकि उस समय वह इस खेल में नए थे और उनके पास सिर्फ एक से डेढ़ साल का ही अनुभव था।

यादव ने बताया कि भारत एशियाई खेलों में पुरुषों की सात स्पर्धाओं में हिस्सा लेगा और टीम का लक्ष्य प्रत्येक में पोडियम पर जगह बनाना होगा जिसमें उनकी नजरें स्वर्ण पदक पर भी टिकी होंगी।

भाषा सुधीर नमिता

नमिता


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