फ्रांस के आक्रामक खेल और स्पेन के ‘टिकी टाका’ के बीच होगा दिलचस्प मुकाबला
फ्रांस के आक्रामक खेल और स्पेन के ‘टिकी टाका’ के बीच होगा दिलचस्प मुकाबला
डलास, 13 जुलाई (भाषा) लगातार तीसरे विश्व कप के फाइनल में जगह बनाने की कवायद में लगे फ्रांस की आक्रामक रणनीति और अपने दूसरे खिताब को लक्ष्य बनाकर चल रहे स्पेन की ‘टिकी टाका’ शैली के बीच मंगलवार को यहां होने वाले विश्व कप फुटबॉल के पहले सेमीफाइनल में रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।
किलियन एमबाप्पे की अगुवाई वाली फ्रांस की टीम की अग्रिम पंक्ति में कई अच्छे खिलाड़ी हैं और उन्होंने अभी तक मौजूदा टूर्नामेंट में आक्रामक होकर खेलने को तवज्जो दी है।
दूसरी तरफ स्पेन गेंद पर नियंत्रण बनाए रखकर छोटे लेकिन तेज पास देने के लिए मशहूर है जिसे स्पेनिश में ‘टिकी टाका’ कहा जाता है। अपनी इस रणनीति के तहत स्पेन विरोधी टीम के खिलाड़ियों को मौका नहीं देने और बेहतर तालमेल बनाए रखने की कोशिश करता है। ऐसे में एमबाप्पे और उनके साथियों के लिए चुनौती आसान नहीं होगी।
फ्रांस ने अभी तक अपने सभी मैच जीते हैं लेकिन अब उसका सामना उस स्पेन से है जिसने उसे विभिन्न प्रतियोगिताओं में पिछले दो मैच में हराया था। यही वजह है कि स्पेन के युवा स्ट्राइकर लामिन यामल ने कहा कि फ्रांस की टीम को उनकी टीम से डरना चाहिए।
लेकिन एमबाप्पे का मानना है कि उनकी टीम स्पेन से भिड़ने के लिए तैयार है।
उन्होंने क्वार्टर फाइनल के मैच के बाद कहा था, ‘‘आराम करने का सिर्फ एक ही तरीका है और वह है जीतना। जब तक हम जीत नहीं जाते, हम चैन से नहीं बैठेंगे। हम जानते हैं कि आगे आने वाली चुनौतियां पहले से भी कहीं ज्यादा कठिन होंगी, लेकिन हम हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।’’
फ्रांस ने ग्रुप चरण में सेनेगल, इराक और नॉर्वे के खिलाफ आसान जीत दर्ज की। उसने राउंड ऑफ 32 में स्वीडन को भी उतनी ही आसानी से हराया। इसके बाद उसने राउंड ऑफ 16 में पराग्वे को हराकर अपने खेल का एक अलग ही रूप दिखाया। उसने क्वार्टर फाइनल में मोरक्को पर जीत हासिल करने के लिए प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
जहां तक स्पेन की बात है तो उसे पहले मैच में ही कैप वर्दे के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ खेलना पड़ा था। इसके बाद उसने हालांकि लय हासिल की तथा सऊदी अरब और उरुग्वे को हराकर अपने ग्रुप में पहला स्थान हासिल किया।
स्पेन ने राउंड ऑफ 32 में ऑस्ट्रिया को आसानी से हरा दिया। हालांकि राउंड ऑफ 16 और क्वार्टर फाइनल में वह स्थानापन्न खिलाड़ी मिकेल मेरिनो के आखिरी क्षणों में किए गए गोल की मदद से ही क्रमशः पुर्तगाल और बेल्जियम को हरा पाया था।
आठवीं बार सेमीफाइनल में पहुंचकर दो बार के विश्व चैंपियन फ्रांस के पास पश्चिम जर्मनी (1982, 1986, 1990) के बाद लगातार तीन विश्व कप फाइनल खेलने वाला दूसरा यूरोपीय देश बनने का मौका है।
एमबाप्पे ने अब तक टूर्नामेंट में आठ गोल किए हैं और स्पेन के खिलाफ उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। लेकिन फ्रांस अग्रिम पंक्ति में केवल उन्हीं पर निर्भर नहीं है। उसके पास ओस्मान डेम्बेले, माइकल ओलिस, डेज़ायर डोउ और ब्रैडली बारकोला जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी हैं।
उसकी रक्षापंक्ति भी मजबूत है जिसमें डयोट उपामेकानो और विलियम सलीबा जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। फ्रांस की टीम ने अब तक केवल दो गोल खाए हैं।
स्पेन तीसरी बार सेमीफाइनल में पहुंचा है। वह 2010 में दक्षिण अफ्रीका में खेले गए विश्व कप में चैंपियन बना था।
स्पेन की रक्षापंक्ति काफी मजबूत है जिसमें रोड्रि, पेड्रि और डैनी ओल्मो गेंद पर नियंत्रण बनाने में माहिर हैं। उसके पास उनाई सिमोन के रूप में उत्कृष्ट गोलकीपर है जिन्होंने पिछले मैच तक विश्व कप में 650 मिनट तक गोल नहीं खाने का रिकॉर्ड बनाया।
आयमेरिक लापोर्टे और पाउ कुबार्सी की सेंटर-बैक जोड़ी बेहद सधी हुई है। फुल-बैक मार्क कुकुरेला और पेड्रो पोरो गेंद को आगे बढ़ाने और आक्रमण करने में माहिर है। उसकी अग्रिम पंक्ति में यामल, निको विलियम्स और मिकेल ओयार्ज़ाबल जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं।
स्पेन के कोच लुइस डे ला फुएंते ने कहा, ‘‘हमारा यह सोचना जायज़ है कि हम फ्रांस को हरा सकते हैं। हमारी टीम एकमात्र ऐसी टीम है जिसने उन्हें दो बार हराया है। यह दो दिग्गज टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला होगा।’’
विश्व कप में इन दोनों टीम के बीच एकमात्र मुकाबला जर्मनी में 2006 में खेले गए टूर्नामेंट के अंतिम 16 में हुआ था जिसमें फ्रांस ने 3-1 से जीत हासिल की थी।
भाषा
पंत सुधीर
सुधीर

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