क्रुणाल ने आरसीबी के बल्लेबाजों के बेहतर प्रदर्शन का श्रेय कार्तिक को दिया

क्रुणाल ने आरसीबी के बल्लेबाजों के बेहतर प्रदर्शन का श्रेय कार्तिक को दिया

क्रुणाल ने आरसीबी के बल्लेबाजों के बेहतर प्रदर्शन का श्रेय कार्तिक को दिया
Modified Date: May 11, 2026 / 11:06 am IST
Published Date: May 11, 2026 11:06 am IST

रायपुर, 11 मई (भाषा) ऑलराउंडर क्रुणाल पंड्या ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपनी जुझारू पारी के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की बल्लेबाजी में सुधार का श्रेय टीम के मेंटोर (मार्गदर्शक) और बल्लेबाजी कोच दिनेश कार्तिक को दिया।

क्रुणाल ने पूरी तरह फिट नहीं होने के बावजूद 46 गेंद में 73 रन बनाए जिससे आरसीबी अंतिम गेंद पर जीत हासिल करने में सफल रही। इससे उसकी टीम अंकतालिका में शीर्ष पर पहुंच गई है।

क्रुणाल ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘अगर आप पिछले साल और यहां तक ​​कि इस साल को भी देखें, तो बल्लेबाजी में सुधार का श्रेय दिनेश कार्तिक को जाता है।’’

इस ऑलराउंडर ने कहा, ‘‘‘उन्होंने (कार्तिक) प्रत्येक खिलाड़ी के साथ व्यक्तिगत रूप से काफी समय बिताया है। उनके मजबूत और कमजोर पक्षों को समझा और उन पर काम किया। वह हमेशा बल्लेबाजों की मदद करने के लिए तैयार रहते हैं। इसलिए इसमें कोई संदेह नहीं है कि हमारी टीम ने जिस तरह से बल्लेबाजी की है, उसका बहुत बड़ा श्रेय डीके (कार्तिक) को जाता है।’’

क्रुणाल ने कहा कि दबाव वाली परिस्थितियों में आरसीबी का स्पष्ट रवैया उसके लिए फायदेमंद साबित हुआ।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस पर चर्चा की थी कि अगर कोई ऐसा गेंदबाज है जिसे आप पसंद करते हैं और आपको लगता है कि आप उसका सामना कर सकते हैं, तो बस उसकी छह गेंदों को अच्छी तरह से खेलें।’’

क्रुणाल ने कहा, ‘‘मैं क्रीज पर पांव जमा चुका था और मुझे लगा कि ऐंठन के कारण मेरे लिए एक-दो रन लेना बहुत मुश्किल हो रहा था। इसलिए मैंने सोचा, मैं बस खड़े रहकर सभी छह गेंदों का अच्छी तरह से सामना करता हूं और जितना संभव हो उसका फायदा उठाता हूं।’’

अपने आईपीएल करियर में अलग-अलग नंबर पर बल्लेबाजी कर चुके क्रुणाल ने कहा कि उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में जिम्मेदारी लेना अच्छा लगता है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अच्छा लगता है कि टीम मुझ पर भरोसा करती है और मुझे अलग-अलग भूमिका सौंपती है। मैंने कभी भी व्यक्तिगत उपलब्धियों पर ध्यान नहीं दिया। मैं हमेशा टीम की स्थिति को समझने और उसे यथासंभव सरल तरीके से हल करने की कोशिश करता हूं।’’

भाषा

पंत

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