राष्ट्रीय डोपिंग रोधी कानून में होगा संशोधन, मंत्रालय ने ‘सप्लायर्स’ को पांच साल की जेल का सुझाव रखा

राष्ट्रीय डोपिंग रोधी कानून में होगा संशोधन, मंत्रालय ने ‘सप्लायर्स’ को पांच साल की जेल का सुझाव रखा

राष्ट्रीय डोपिंग रोधी कानून में होगा संशोधन, मंत्रालय ने ‘सप्लायर्स’ को पांच साल की जेल का सुझाव रखा
Modified Date: May 21, 2026 / 01:32 pm IST
Published Date: May 21, 2026 1:32 pm IST

नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रतिबंधित पदार्थों की आपूर्ति और वितरण को अपराध की श्रेणी में लाने के लिये राष्ट्रीय डोपिंग रोधी कानून में बदलाव किया जायेगा और ऐसे पदार्थों की खिलाड़ियों को आपूर्ति करने वालों को पांच साल तक जेल का सुझाव रखा गया है ।

जनता से प्रतिक्रिया के लिये ये संशोधन खेल मंत्रालय की वेबसाइट पर डाले गए हैं ।

संशोधन के अनुसार ,‘‘ खिलाड़ी को डोपिंग के उद्देश्य से या उसके संबंध में कोई प्रतिबंधित पदार्थ देता है तो उसे पांच साल तक कारावास या दो लाख रूपये तक जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है ।’’

मांडविया ने कहा कि यह संशोधित विधेयक संसद के अगले सत्र में लाया जायेगा ।

उन्होंने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा ,‘‘डोपिंग अब सिर्फ खेलों से जुड़ा एक उल्लंघन नहीं है बल्कि यह खिलाड़ियों का शोषण करने वाला एक संगठित इकोसिस्टम बन चुका है । सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों की सुरक्षा करना और डोपिंग से लाभ कमाने वाले आपराधिक नेटवर्क को समाप्त करना है ।’’

उन्होंने प्रस्तावित ढांचे के बारे में बताया कि सिर्फ डोपिंग रोधी नियम के उल्लंघन या पॉजीटिव टेस्ट के आधार पर खिलाड़ी को अपराधी नहीं ठहराया जायेगा ।

मांडविया ने कहा ,‘‘ खिलाड़ियों से जुड़े खेलों में उल्लंघन के मामले वर्तमान डोपिंग रोधी ढांचे के तहत ही रहेंगे । प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य अवैध आपूर्ति करने वालों, संगठित गिरोहों, दोषी सहयोगी स्टाफ, तस्करों और खिलाड़ियों को प्रतिबंधित पदार्थ देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना है ।’’

भाषा

मोना

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