राष्ट्रीय कोच ने जिम्नास्टिक उपकरणों की खरीद की समीक्षा की मांग की, जीएफआई ने प्रक्रिया का बचाव किया

राष्ट्रीय कोच ने जिम्नास्टिक उपकरणों की खरीद की समीक्षा की मांग की, जीएफआई ने प्रक्रिया का बचाव किया

राष्ट्रीय कोच ने जिम्नास्टिक उपकरणों की खरीद की समीक्षा की मांग की, जीएफआई ने प्रक्रिया का बचाव किया
Modified Date: August 3, 2026 / 06:28 pm IST
Published Date: August 3, 2026 6:28 pm IST

(अमित कुमार दास)

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय जिम्नास्टिक कोच राकेश पात्रा ने भारतीय जिम्नास्टिक महासंघ (जीएफआई) से छत्रपति संभाजी नगर में साइ (भारतीय खेल प्राधिकरण) के एनसीओई (राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र) के लिए उपकरणों की प्रस्तावित खरीद की समीक्षा करने की अपील की है।

उन्होंने आरोप लगाया है कि महासंघ ने विशेष ट्रेनिंग उपकरणों के बजाय प्रतियोगिता उपकरणों को प्राथमिकता दी और निविदा जारी करने से पहले राष्ट्रीय कोच से सलाह नहीं ली।

जीएफआई अध्यक्ष सुधीर मित्तल को भेजे गए एक ईमेल में पात्रा ने कहा कि उपकरण सूची तैयार करते समय ना तो उनसे और ना ही महिला कोच से सलाह ली गई जबकि उन्हें ही मुख्य रूप से इन सुविधाओं का इस्तेमाल करना है।

इस ईमेल की प्रति साइ के महानिदेशक और टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना(टॉप्स) को भी भेजी गई है। पात्रा को एनसीओई में नियुक्त करने का प्रस्ताव है।

पात्रा ने लिखा, ‘‘किसी भी तरह का सलाह-मशविरा नहीं होने से यह सवाल उठते हैं: उपकरण सूची किसने तैयार की, चयन का आधार कौन सी तकनीकी विशेषज्ञता थी, क्या किसी तकनीकी समिति या विशेषज्ञ समूह ने सूची की जांच की और उसे मंजूरी दी और क्या राष्ट्रीय कोचिंग स्टाफ की जरूरतों पर बिल्कुल भी ध्यान दिया गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इतनी बड़ी खरीद आवश्यक तौर पर राष्ट्रीय कोच, तकनीकी समिति कमिटी और उन खिलाड़ियों के साथ पूरी तकनीकी सलाह-मशविरा के बाद होनी चाहिए जो आखिर में इन सुविधाओं का इस्तेमाल करेंगे।’’

हालांकि महासंघ ने कहा कि कोच से सलाह-मशविरा करने की कोई जरूरत नहीं थी।

मित्तल ने पीटीआई से कहा, ‘‘इसकी जरूरत नहीं थी क्योंकि द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच बिश्वेश्वर नंदी, मुख्य राष्ट्रीय कोच रह चुके डॉ. जीएस बावा और उपाध्यक्ष डॉ. सी प्रभाकर तकनीकी आकलन समिति में थे और वे सभी सम्मानित लोग हैं इसलिए इसकी जरूरत नहीं थी।’’

पात्रा के मेल के बारे में पूछे जाने पर मित्तल ने कहा, ‘‘मेल साइ और अन्य को भेज गया था इसलिए हम उन्हें जवाब देंगे।’’

भाषा सुधीर आनन्द

आनन्द


लेखक के बारे में