एकदश से बाहर बैठने का आदी नहीं लेकिन टीम माहौल के मुताबिक ढलना मेरी जिम्मेदारी: वेंकटेश अय्यर

एकदश से बाहर बैठने का आदी नहीं लेकिन टीम माहौल के मुताबिक ढलना मेरी जिम्मेदारी: वेंकटेश अय्यर

एकदश से बाहर बैठने का आदी नहीं लेकिन टीम माहौल के मुताबिक ढलना मेरी जिम्मेदारी: वेंकटेश अय्यर
Modified Date: April 22, 2026 / 08:12 pm IST
Published Date: April 22, 2026 8:12 pm IST

बेंगलुरु, 22 अप्रैल (भाषा) वेंकटेश अय्यर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की एकादश में नियमित तौर पर जगह बनाना चाहते हैं, लेकिन यह हरफनमौला खिलाड़ी टीम की उन परिस्थितियों को भली-भांति समझता है जिनकी वजह से उन्हें बेंच पर बैठना पड़ रहा है।

वह टीम मैनेजमेंट द्वारा दी गई भूमिका की स्पष्टता से संतुष्ट हैं।

आईपीएल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स के विजयी अभियान का हिस्सा रहे वेंकटेश आईपीएल 2026 से पहले आरसीबी से जुड़े, लेकिन अब तक उन्हें केवल एक ही मैच खेलने का मौका मिला है, क्योंकि बेंगलुरु टीम के शीर्ष और मध्यक्रम में कड़ी प्रतिस्पर्धा है।

वेंकटेश ने यहां चुनिंदा मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘मुझे बाहर बैठने की आदत नहीं है, लेकिन यह एक टीम का माहौल है। एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में जो टीम को सबसे ऊपर रखता है, मेरा कर्तव्य है कि मैं इस माहौल का पालन करूं।’’

वेंकटेश इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि आरसीबी उस संयोजन में बदलाव करने से हिचकेगी जिसने एक साल पहले उन्हें उनका पहला आईपीएल खिताब दिलाया था।

उन्होंने कहा, ‘‘हम गत चैंपियन हैं। खिताब दिलाने वाले संयोजन में बदलाव करना मुश्किल होता है। यह समझदारी भरा कदम नहीं होता। ऐसे में टीम से जुडे नये खिलाड़ी के तौर पर मेरा कर्तव्य है यह समझना कि मैं किस भूमिका में योगदान दे सकता हूं। इसका श्रेय मो (बोबाट), एंडी (फ्लावर) और डीके (दिनेश कार्तिक) को जाता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने टीम में मेरी भूमिका को लेकर बातचीत में शानदार स्पष्टता दी है। ईमानदारी से कहूं तो बाहर बैठना मुश्किल है। यह ऐसी चीज है जिसके लिए आप तैयारी नहीं कर सकते। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मैं उनकी योजनाओं का हिस्सा नहीं हूं। यह ‘अगर’ नहीं बल्कि ‘कब’ का सवाल है।’’

आरसीबी ने आईपीएल 2025 से पहले हुई नीलामी में 31 वर्षीय वेंकटेश को सात करोड़ रुपये में खरीदा था, जो इससे पहले केकेआर से मिले 23.75 करोड़ रुपये की तुलना में काफी कम है।

उनकी कीमत में आई गिरावट की तरह उनके लिए आरसीबी में खेलने के मौके भी कम हुए हैं, लेकिन वेंकटेश का मानना है कि इससे उनकी प्रेरणा पर कोई असर नहीं पड़ा है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह आसान नहीं है, लेकिन प्रेरित रहना बेहद जरूरी है क्योंकि आप आसानी से हताश हो सकते हैं और अपनी कार्यशैली को पीछे छोड़ सकते हैं। इसलिए मैं अपने मन को इस तरह तैयार करता हूं कि मैं हर मैच खेलने वाला हूं। ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम के साथ कुछ भी हो सकता है।’’

भाषा

आनन्द सुधीर

सुधीर


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