(कुशान सरकार)
नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) महान क्रिकेटर रिकी पोंटिंग को चिंता है कि टी20 अंतरराष्ट्रीय और फ्रेंचाइजी लीग के दुनिया भर में लगातार विस्तार के बीच एकदिवसीय क्रिकेट धीरे-धीरे व्यस्त होते जा रहे क्रिकेट कैलेंडर में अपनी जगह खो सकता है।
पोंटिंग को आशंका है कि आने वाले वर्षों में अधिक टी20 लीग के उभरने के साथ एकदिवसीय क्रिकेट ‘कम से कम’ खेला जाएगा। हालांकि उनका मानना है कि जब तक प्रमुख क्रिकेट खेलने वाले देश टेस्ट क्रिकेट में निवेश करते रहेंगे तब तक यह प्रारूप फलता-फूलता रहेगा।
पोंटिंग ने पीटीआई के साथ विशेष बातचीत में कहा, ‘‘जैसे-जैसे महीने और साल बीतेंगे और दुनिया भर में अधिक से अधिक टी20 क्रिकेट खेला जाएगा तथा अधिक फ्रेंचाइजी टूर्नामेंट शुरू होंगे, वैसे-वैसे 50 ओवर का क्रिकेट कम खेले जाने की आशंका बढ़ती जाएगी। यह अपरिहार्य है।’’
यह पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान विश्व चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स में ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस फ्रेंचाइजी का सह मालिक है।
एकदिवसीय प्रारूप में 13,704 रन बनाने वाले पोंटिंग का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे ‘बड़े चार’ देश टेस्ट क्रिकेट को मजबूत स्थिति में बनाए रखेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे इस प्रारूप में खेलना पसंद है लेकिन कहीं ना कहीं कुछ तो छोड़ना होगा। जब तक भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और शायद दक्षिण अफ्रीका टेस्ट क्रिकेट को मजबूत बनाए रखना चाहते हैं, तब तक टेस्ट क्रिकेट मजबूत रहेगा। ऐसा होगा। इसलिए कुछ ना कुछ तो कम होगा और स्पष्ट रूप से वह 50 ओवर का क्रिकेट है।’’
टी20 लीग की बढ़ती संख्या और क्या इससे खिलाड़ियों के लिए अंततः बहुत अधिक क्रिकेट हो सकता है, इस सवाल पर पोंटिंग ने माना कि बढ़ती फ्रेंचाइजी प्रतियोगिताओं के लिए क्रिकेट कैलेंडर में जगह बनानी ही होगी।
पोंटिंग के ऑस्ट्रेलियाई टीम के पूर्व साथी डेविड वार्नर का मानना है कि क्रिकेट अंततः क्लब फुटबॉल जैसे मॉडल की ओर बढ़ सकता हैं। हालांकि उनके अनुसार इसके रास्ते में कई बाधाएं हैं।
वार्नर ने कहा, ‘‘मैंने हमेशा सोचा था कि समय के साथ यह शायद इंग्लिश प्रीमियर लीग मॉडल जैसा हो जाएगा। लेकिन क्रिकेट में समस्या यह है कि जब आपके पास इतनी सारी अलग-अलग फ्रेंचाइजी प्रतियोगिताएं हों तो यह बहुत मुश्किल हो जाता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एक और चीज स्थानीय और विदेशी खिलाड़ियों की संख्या है। नियमों में पूरी तरह बदलाव करना होगा। ईपीएल में मेरा मानना है कि आप जितने चाहें उतने खिलाड़ी खिला सकते हैं।’’
वार्नर ने यह भी कहा कि बढ़ते टी20 कैलेंडर से खिलाड़ियों के सामने चुनौतियां और अवसर दोनों पैदा हो रहे हैं, विशेषकर एसोसिएट देशों के खिलाड़ियों के लिए। हालांकि लीग और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बीच संतुलन बनाना चुनौती है।
भाषा सुधीर आनन्द
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