स्वर्ण पदक से चूकने से निराश हैं रुद्रांक्ष
स्वर्ण पदक से चूकने से निराश हैं रुद्रांक्ष
नागोया, 21 सितंबर (भाषा) रुद्रांक्ष पाटिल की निगाहें स्वर्ण पदक पर टिकी थीं और इस पूर्व विश्व चैंपियन ने एशियाई खेलों में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल फाइनल में बड़ी बढ़त भी बना ली थी लेकिन इसके बाद उन्होंने 9.7 का स्कोर बनाया जिससे स्वर्ण तो क्या वह रजत पदक से भी चूक गए और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
रुद्रांक्ष के लिए, निर्णायक शॉट कोई एक आकस्मिक चूक नहीं थी, बल्कि शायद छह महीनों की असफलताओं का चरम बिंदु था, जिसने उनके अनुसार धीरे-धीरे उनके आत्मविश्वास को कम कर दिया था।
रुद्रांक्ष ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह पिछले छह महीनों में मेरे साथ हुई सभी नकारात्मक घटनाओं का असर था। मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहा था मेरा अभ्यास सही नहीं चल रहा था और उसे मेरे मन में नकारात्मक भाव भर गए।’’
इस 26 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘‘जब हम बहुत आत्मविश्वास से भरे होते हैं, तो सभी शॉट सही लग जाते हैं। जब हम उस सकारात्मक स्थिति में नहीं होते हैं, तो वह शॉट लगाना बहुत मुश्किल हो जाता है। मैं जरूरत से ज्यादा उत्साहित हो गया था। इतना ज्यादा कि मैं सही शॉट नहीं लगा पाया। अगर मैं थोड़ा धैर्य रखता तो शायद परिणाम बेहतर होता।’’
उन्हें खुशी है कि वह पदक जीतने में सफल रहे लेकिन स्वर्ण पदक से चूकने से थोड़ा निराश भी हैं।
रुद्रांक्ष ने कहा,‘‘मैं बहुत खुश हूं, बहुत गर्व महसूस कर रहा हूं और थोड़ा निराश भी हूं।’’
रुद्रांक्ष 2022 में विश्व चैंपियन बने थे लेकिन उन्हें अभी तक अर्जुन पुरस्कार नहीं मिला है जिसको लेकर उन्होंने खुलकर अपनी निराशा व्यक्त की।
उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने किसी ऐसे विश्व चैंपियन के बारे में नहीं सुना जिसे अर्जुन पुरस्कार न मिला हो। यह बहुत हास्यास्पद है, बहुत हास्यास्पद कि मुझे यह पुरस्कार नहीं मिला है और मैं पिछले तीन वर्षों से इसके लिए आवेदन कर रहा हूं।’’
भाषा
पंत आनन्द
आनन्द

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