शिर्से फाइनल में पहुंचे लेकिन चोट के कारण पदक से चूके
शिर्से फाइनल में पहुंचे लेकिन चोट के कारण पदक से चूके
… अपराजिता उपाध्याय…
ग्लासगो, 28 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक तेजस शिर्से राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए, लेकिन चोट के कारण पदक की दौड़ में पिछड़ते हुए आठवें स्थान पर रहे। चौबीस वर्षीय शिर्से ने हीट एक में 13.76 सेकंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया और कुल मिलाकर छठे स्थान के साथ फाइनल में जगह बनाई। सोमवार शाम हुए फाइनल में चोटिल शिर्से 15.39 सेकंड के समय के साथ आठवें और अंतिम स्थान पर रहे। उनका राष्ट्रीय रिकॉर्ड 13.27 सेकंड का है। शिर्से ने दौड़ के बाद पीटीआई से कहा, ‘‘ अभ्यास (वार्म-अप) के दौरान मेरे बाएं पैर में ‘नेविक्युलर स्ट्रेस फ्रैक्चर’ हो गया था। मैं हटना नहीं चाहता था, इसलिए मैंने फिजियो से उसे टेप करने के लिए कहा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं राष्ट्रमंडल खेलों में 110 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में पहुंचने वाला पहला भारतीय हूं, इसलिए मैं पीछे हटकर पूरे देश को निराश नहीं करना चाहता था।’’ शिर्से ने कहा कि सितंबर-अक्टूबर में होने वाले एशियाई खेलों में उनकी संभावनाओं पर टिप्पणी करना अभी जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह नई चोट नहीं है, पहले भी ऐसा हुआ था। मुझे पहले स्कैन करवाने होंगे।’’ शिर्से का इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और राष्ट्रीय रिकॉर्ड 13.27 सेकंड का है, जो उन्होंने पिछले महीने लुधियाना में हुई इंडियन एथलेटिक्स सीरीज-9 के दौरान बनाया था। भाषा आनन्द आनन्दआनन्द

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