सिंधुश्री ने पोल वॉल्ट में राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाइंग मानक हासिल किया

सिंधुश्री ने पोल वॉल्ट में राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाइंग मानक हासिल किया

सिंधुश्री ने पोल वॉल्ट में राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाइंग मानक हासिल किया
Modified Date: June 25, 2026 / 10:23 pm IST
Published Date: June 25, 2026 10:23 pm IST

… फिलेम दीपक सिंह …

भुवनेश्वर, 25 जून (भाषा) कर्नाटक की कम चर्चित पोल वॉल्ट खिलाड़ी जी. सिंधुश्री ने राष्ट्रीय अंतर-राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए नये राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतकर सुर्खियां बटोर लीं। उन्होंने इसके साथ ही एशियाई खेलों के लिए भी अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है। शिवमोग्गा जिले की 25 वर्षीय सिंधुश्री ने 4.25 मीटर की ऊंचाई पार कर तमिलनाडु की बारानिका इलंगोवन के एक महीने पुराने 4.20 मीटर के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। बारानिका 4.20 मीटर के साथ रजत पदक हसिल किया, जबकि मध्य प्रदेश की नितिका आकरे ने 4.10 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता। तीनों पदक विजेताओं ने भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) द्वारा निर्धारित 4.10 मीटर के एशियाई खेल क्वालीफिकेशन मानक को पार किया। एशियाई खेलों में हालांकि प्रत्येक देश किसी भी ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धा में अधिकतम दो खिलाड़ियों को ही भेज सकता है। सिंधुश्री ने अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 25 सेंटीमीटर से बेहतर किया। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 4.00 मीटर था, जो उन्होंने मई में चेन्नई में आयोजित इंडियन एथलेटिक्स सीरीज-छह में किया था। भावुक सिंधुश्री ने अपनी उपलब्धि दिवंगत पिता को समर्पित की। उनके पिता पेशे से इलेक्ट्रीशियन थे, जिनका 2022 में हृदयाघात के कारण निधन हो गया था। सिंधुश्री ने कहा, ‘‘आज मैंने जो हासिल किया है, वह मेरे पिता की वजह से ही संभव हुआ है। हर सुबह वह मुझे दौड़ने के लिए ले जाते थे और चाहते थे कि मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करूं। एशियाई खेलों में भाग लेकर मैं उनका सपना पूरा करूंगी।’’ उन्होंने बताया कि पिता के निधन के बाद दर्जी का काम करने वाली उनकी मां परिवार चलाने में संघर्ष कर रही हैं, जबकि उनकी पढ़ाई कर रही बहन की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है। खेल करियर को जारी रखने में उनके दादा आर्थिक मदद कर रहे हैं। सिंधुश्री ने कहा, “मेरे पास न कोई प्रायोजक है और न ही नौकरी। खेल जारी रखना आसान नहीं है। उम्मीद है कि इस प्रदर्शन के बाद मुझे नौकरी मिल सकेगी।” उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उनके पास प्रतियोगिता के लिए उपयुक्त पोल तक नहीं था और वह पहले छोटे पोल का इस्तेमाल कर रही थीं। इस प्रतियोगिता में एक मित्र द्वारा दिया गया लंबा पोल मिलने से उनके प्रदर्शन में बड़ा सुधार आया। पुरुषों की 200 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी अनिमेष कुजूर ने 20.74 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता और एशियाई खेलों के लिए निर्धारित 20.88 सेकंड के क्वालीफिकेशन मानक को भी पार किया। उनका राष्ट्रीय रिकॉर्ड 20.32 सेकंड है। महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में महाराष्ट्र की हर्षिता भद्रा ने 23.14 सेकंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ स्वर्ण पदक जीता और एशियाई खेलों के लिए निर्धारित 23.70 सेकंड के मानक को भी पार कर लिया। कर्नाटक की उन्नति बोलांडा और प्रकृति रूपा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं। दोनों ने भी एशियाई खेलों का क्वालीफिकेशन मानक हासिल किया। महिलाओं की शॉटपुट स्पर्धा में हरियाणा की मनप्रीत कौर (17.75 मीटर) ने स्वर्ण, तमिलनाडु की कृष्णा जयशंकर (16.96 मीटर) ने रजत और दिल्ली की सृष्टि विग (16.96 मीटर) ने कांस्य पदक जीता। तीनों खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों का क्वालीफिकेशन मानक पार किया। महिलाओं की 800 मीटर दौड़ में तमिलनाडु की गौतमी जयरामन (दो मिनट 04.17 सेकंड), हरियाणा की पूजा (2:04.37) और उत्तराखंड की लिली दास (2:04.59) क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं। तीनों ने एशियाई खेलों के लिए निर्धारित समय सीमा को पार किया। पुरुषों की 800 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी केरल के मोहम्मद अफसल ने एक मिनट 48.57 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता और एशियाई खेलों के क्वालीफिकेशन मानक को भी हासिल कर लिया। पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा में केरल के एन. तौफीक ने कुल 7276 अंक जुटाकर स्वर्ण पदक जीता। महाराष्ट्र के कुशल मोहिते 7251 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। दोनों खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों का क्वालीफिकेशन मानक हासिल किया। भाषा आनन्द आनन्द


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