खेल प्रशासन मुश्किल है, लेकिन व्यवस्था को साफ करना जरूरी है: पूरव राजा
खेल प्रशासन मुश्किल है, लेकिन व्यवस्था को साफ करना जरूरी है: पूरव राजा
(अमनप्रीत सिंह)
नयी दिल्ली, 28 मई (भाषा) पूर्व युगल टेनिस खिलाड़ी पूरव राजा का कहना है कि भारतीय टेनिस प्रशासन में निचले स्तर से जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ पूरी तरह से सुधार की जरूरत है, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि खेल प्रशासन इतना कठिन क्षेत्र है कि उन्हें खुद नहीं लगता कि उनके पास इसे संभालने की काबिलियत है।
राजा और पूर्व डेविस कप खिलाड़ी सोमदेव देववर्मन ने 2024 में अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) के चुनावों को चुनौती दी थी जिसके बाद पूर्व मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल को प्रशासक नियुक्त किया गया, ताकि संघ के कामकाज की निगरानी की जा सके और राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025 के अनुरूप उसके संविधान को तैयार कर नए चुनाव कराए जा सकें।
राजा ने पीटीआई से कहा, ‘‘व्यवस्था को पेशेवर तरीके से चलाया जाना चाहिए। मुझे नहीं पता कि मैं इसके लिए कितना काबिल हूं। खेल प्रशासन एक बहुत कठिन क्षेत्र है। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने यह याचिका इसलिए दायर नहीं की थी कि हम एआईटीए को अपने हाथ में लेना चाहते थे। जो भी शीर्ष पद संभाल रहा हो, उसका चुनाव निष्पक्ष और संवैधानिक तरीके से होना चाहिए। मेरा योगदान यह है कि पहली बार हमने किसी को निगरानी और नियमों में सुधार के लिए लाने में सफलता पाई। ’’
राजा ने हालांकि यह भी कहा कि भारतीय टेनिस प्रशासन में संरचनात्मक समस्याएं गहरी जड़ें जमा चुकी हैं जो जिला स्तर से शुरू होती हैं और उन्होंने कहा कि पूरी व्यवस्था के वित्तीय रूप से सफाई की जरूरत है।
उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले हमें व्यवस्था को साफ करना होगा। हमें प्रशासक के निर्देशों का पालन करते हुए इसे बहुत व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना होगा। ’’
राजा ने कहा, ‘‘हर राज्य, डीएलटीए, एआईटीए ट्रस्ट और खुद एआईटीए में, सबका वित्तीय ऑडिट होना चाहिए। हर राज्य में एक पेशेवर फर्म से ऑडिट कराया जाना चाहिए। हो सकता है कि कहीं कुछ गलत नहीं हो और सब कुछ पूरी तरह साफ हो, लेकिन कम से कम हमें यह पता तो चलेगा कि पैसा कहां और कैसे आवंटित हो रहा है। ’’
भाषा नमिता मोना
मोना

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