खेल मंत्रालय ने बीएफआई का कारण बताओ नोटिस जारी किया

खेल मंत्रालय ने बीएफआई का कारण बताओ नोटिस जारी किया

खेल मंत्रालय ने बीएफआई का कारण बताओ नोटिस जारी किया
Modified Date: May 11, 2026 / 09:59 pm IST
Published Date: May 11, 2026 9:59 pm IST

(पूनम मेहरा)

नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) खेल मंत्रालय ने सोमवार को भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) को उसकी ‘अस्पष्ट’ चयन नीति के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया। मंत्रालय का कहना है कि यह नीति ‘पारदर्शी नहीं लगती’ और बार-बार याद दिलाने के बावजूद बीएफआई ने हाई परफोर्मेंस निदेश्का जैसे अहम पदों पर नियुक्तियां नहीं की हैं।

एक विश्वसनीय सूत्र ने पीटीआई को बताया कि बीएफआई को इस नोटिस का जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।

यह नोटिस खेल भारतीय प्राधिकरण (साइ) द्वारा बीएफआई से पटियाला में चल रहे एक विश्लेषण शिविर को स्थगित करने के लिए कहने के एक दिन बाद जारी किया गया। इस शिविर का मकसद इस साल होने वाले आगामी राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों के लिए मुक्केबाजों का चयन करना था।

मंत्रालय ने कहा कि चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) कप के ‘दूसरे रास्ते’ से राष्ट्रीय शिविर में प्रवेश के मानदंडों को बीएफआई ने स्पष्ट रूप से नहीं बताया है।

जिस टूर्नामेंट की बात हो रही है वह अप्रैल में पुणे के सेना खेल संस्थान में हुआ था। साइ का आरोप है कि वहां कुछ ऐसे मुक्केबाजों को प्रवेश नहीं दिया गया जो सशस्त्र बलों का हिस्सा नहीं थे। सीओएएस कप के 40 पदक विजेताओं का मूल्यांकन राष्ट्रीय शिविर में किया जाना था।

लेकिन साइ ने कहा कि वह ऐसे शिविर को मंजूरी नहीं दे सकता जिसमें एक ‘बंद’ टूर्नामेंट से मुक्केबाजों को ऐसे कोच के पैनल के तहत लाया गया हो जो योग्यता और अनुभव के मानदंडों को पूरा नहीं करते।

मंत्रालय ने कहा कि बीएफआई बार-बार याद दिलाने के बावजूद हाई परफोर्मेंस निदेशक नियुक्त करने में भी विफल रहा है। पिछले साल एनएसएफ के लिए इस पद के लिए 10 करोड़ रुपये अलग रखना अनिवार्य कर दिया गया था।

बीएफआई पर यह भी आरोप है कि उसने कोच और सहायक कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए बनी चयन समिति में भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक या उनके प्रतिनिधि को शामिल नहीं किया जैसा कि मंत्रालय ने अनिवार्य किया था।

मंत्रालय के नोटिस के अनुसार बीएफआई अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के प्रस्ताव जमा करने के लिए निर्धारित समय-सीमा का भी पालन नहीं कर रहा है।

एनएसएफ को अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए प्रस्ताव कम से कम 90 दिन पहले (बिना खिलाड़ियों के नाम के) और कम से कम 60 दिन पहले (खिलाड़ियों के नाम के साथ) जमा करना आवश्यक है।

मंत्रालय ने कहा कि ऐसी ‘कमियों’ से खिलाड़ियों की निष्पक्ष भागीदारी पर बुरा असर पड़ सकता है।

इससे पहले साइ ने कहा था कि अगर बीएफआई निष्पक्ष चयन प्रक्रिया का लिखित आश्वासन देता है तो वह मूल्यांकन को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे देगा। आरोप लगाया गया था कि ट्रायल मुकाबले के नतीजे रोककर रखे जाएंगे और विजेताओं की घोषणा तभी की जाएगी जब कोच और हाई परफोर्मेंस इकाई के बीच बैठक हो जाएगी जो अभी पूरी तरह से बनी भी नहीं है।

सूत्र ने कहा, ‘‘हमारे पास कई शिकायतें आई हैं जिनमें मुक्केबाज हमें बता रहे हैं कि इस मूल्यांकन शिविर में बाउट के नतीजे तुरंत जारी नहीं किए जाएंगे। इसके बजाय बीएआई की तथाकथित हाई परफोर्मेंस इकाई चयन समिति के साथ मिलकर चर्चा करेगी और फिर तय करेगी कि किसे चुनना है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह विचार निष्पक्ष खेल के सभी नियमों के खिलाफ है और अगर इसे अदालत में चुनौती दी जाती है तो साइ को बीएफआई से एक सही स्पष्टीकरण की जरूरत होगी। लेकिन वे हमारे सवालों का जवाब नहीं दे रहे हैं। वे हमें तभी लिखते हैं जब उन्हें किसी ऐसे काम के लिए मंजूरी चाहिए होती है जो वे करना चाहते हैं। इस तरह से काम नहीं चलता।’’

भाषा

सुधीर आनन्द

आनन्द


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