लंदन, 15 सितंबर (एपी) अमेरिकी अभिनेत्री सिडनी स्वेनी के एक विज्ञापन का महिला खिलाड़ियों ने कड़ा विरोध व्यक्त करते हुए इसे खेलों में महिलाओं को ‘सेक्स’ के नजरिए से देखना करार दिया।
स्पोर्ट्स प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म नोविग के विज्ञापन में, स्वेनी बहुत कम या बिना कपड़ों के दिखाई देती हैं। वह इस विज्ञापन में अपने शरीर के कुछ हिस्सों को फुटबॉल और अन्य खेल परिधानों से ढकती हैं।
कई महिला खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर इस विज्ञापन की आलोचना की और इसे महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताया।
चार बार की ओलंपिक तैराकी स्वर्ण पदक विजेता एरियार्ने टिटमस ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘‘इसे देखकर मुझे कितना गुस्सा आ रहा है उसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती। हम ऐसी दुनिया में कैसे जी रहे हैं जहां महिलाओं के शरीर का व्यवसायीकरण और महिलाओं के खेल को ‘सेक्सुअलाइज़’ (कामुकता के रूप में पेश करना) करना अभी भी आम बात है।’’
हंगरी के बुडापेस्ट में अल्टीमेट चैंपियनशिप में 200 मीटर दौड़ में चौथा स्थान हासिल करने के बाद ब्रिटिश स्प्रिंटर एमी हंट ने बीबीसी से साक्षात्कार के दौरान कैमरे की तरफ देखकर सिडनी स्वेनी को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘सिडनी स्वेनी, खेल जगत में महिलाएं ऐसी दिखती हैं। मांसपेशियां, कड़ी मेहनत, पसीना, खून, आंसू।’’
अमेरिका की पूर्व जिम्नास्ट ग्रेसी क्रैमर ने इस विज्ञापन को बेहद आपत्तिजनक बताया।
उन्होंने इंस्टाग्राम पर कहा, ‘‘मैंने अपना पूरा जीवन एक ऐसे खेल में बिताया है जहां महिला खिलाड़ियों को जरूरत से ज्यादा ‘सेक्सुअलाइज़‘ किया जाता रहा है। उन्हें केवल उनके शरीर तक सीमित कर दिया गया है। उन्हें अपनी असल काबिलियत के लिए गंभीरता से लिए जाने के लिए संघर्ष करने पर मजबूर किया गया है।’’
क्रेमर ने महिला खिलाड़ियों के अभ्यास की तस्वीरें पोस्ट कीं और कैप्शन में लिखा, ‘‘खेल जगत में एक महिला ऐसी दिखती है।’’
जर्मन रग्बी खिलाड़ी सोफी फेला ने कहा कि महिला खिलाड़ी लड़कियों और महिलाओं के लिए आदर्श बन सकती हैं क्योंकि वे समाज के सौंदर्य और नारीत्व के आदर्शों से खुद को ‘‘अलग’’ करने में सक्षम होती हैं।
उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा, ‘‘और इसीलिए सिडनी स्वेनी का वह विज्ञापन दुनिया की हर महिला खिलाड़ी के लिए अपमानजनक है।’’
नोविग ने टिप्पणी के लिए भेजे गए ईमेल का तुरंत जवाब नहीं दिया। स्वेनी के जनसंपर्क अधिकारी ने भी टिप्पणी के अनुरोध पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दी।
एपी
पंत
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