शतरंज ओलंपियाड से पहले उज्बेकिस्तान के ग्रैंडमास्टर जावोखिर सिंदारोव को सौंपी गई मशाल

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शतरंज ओलंपियाड से पहले उज्बेकिस्तान के ग्रैंडमास्टर जावोखिर सिंदारोव को सौंपी गई मशाल

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  • Publish Date - September 14, 2026 / 09:58 PM IST,
    Updated On - September 14, 2026 / 09:58 PM IST

बेंगलुरु, 14 सितंबर (भाषा) शतरंज ओलंपियाड 2026 के लिए आधिकारिक उलटी गिनती की शुरुआत सोमवार को यहां हुई जब फिडे के अंतरिम अध्यक्ष विश्वनाथन आनंद और अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) के अध्यक्ष नितिन नारंग ने ओलंपियाड की मशाल 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के विजेता और उज्बेकिस्तान के शीर्ष खिलाड़ी जावोखिर सिंदारोव को सौंपी।

शतरंज ओलंपियाड सबसे प्रतिष्ठित टीम प्रतियोगिताओं में से एक है जिसमें दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी 15 से 27 सितंबर तक उज्बेकिस्तान के समरकंद में प्रतिस्पर्धा करेंगे।

शतरंज ओलंपियाड मशाल समारोह की शुरुआत फिडे ने 2022 में ओलंपिक मशाल की तर्ज पर की थी। इसका उद्देश्य खेल की वैश्विक पहुंच का जश्न मनाने के साथ प्रतियोगिता को लेकर उत्साह पैदा करना है।

एआईसीएफ के अध्यक्ष नारंग ने कहा, ‘‘शतरंज ओलंपियाड की मशाल इस बात का सशक्त प्रतीक है कि यह खेल देशों और पीढ़ियों को किस तरह जोड़ता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2022 में भारत में इस परंपरा की शुरुआत की थी और यह देखना विशेष है कि अब यह लौ भारत से उज्बेकिस्तान जा रही है। भारत शतरंज का जन्मस्थान है और दोनों देशों में शतरंज की गहरी तथा लगातार बढ़ती संस्कृति है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम जावोखिर सिंदारोव और उज्बेकिस्तान को शुभकामनाएं देते हैं क्योंकि समरकंद शतरंज की दुनिया के स्वागत की तैयारी कर रहा है।’’

भारत ओपन और महिला दोनों वर्गों में गत चैंपियन है और खिताब बरकरार रखने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

भाषा सुधीर नमिता

नमिता