महिला गोलकीपर सविता-बिछू का तालमेल सराहनीय, पुरुष वर्ग में खालीपन नजर आ रहा है: ब्लाक

महिला गोलकीपर सविता-बिछू का तालमेल सराहनीय, पुरुष वर्ग में खालीपन नजर आ रहा है: ब्लाक

महिला गोलकीपर सविता-बिछू का तालमेल सराहनीय, पुरुष वर्ग में खालीपन नजर आ रहा है: ब्लाक
Modified Date: August 29, 2026 / 03:17 pm IST
Published Date: August 29, 2026 3:17 pm IST

(मोना पार्थसारथी)

एम्सटेलवीन, 29 अगस्त (भाषा) नीदरलैंड के दिग्गज गोलकीपर पिरमिन ब्लाक अनुभवी सविता पूनिया और बिछू देवी के बीच तालमेल और प्रतिद्वंद्विता के बजाय एक-दूसरे की मदद करने की भावना की सराहना करते हुए कहा कि इससे भारतीय महिला गोलकीपिंग में सुचारू बदलाव सुनिश्चित हो सकता है जबकि पुरुष टीम के साथ ऐसा नहीं है जिसे पीआर श्रीजेश की कमी खल रही है।

नीदरलैंड की पेरिस ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य रहे 38 वर्षीय ब्लाक का मानना ​​है कि भारत के युवा पुरुष गोलकीपरों में अभी तक टीम को अगले स्तर तक ले जाने के लिए जरूरी गुणवत्ता की कमी नजर आ रही है।

ब्लाक ने भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘मैंने पुरुष टीम का मैच भी देखा। दिग्गज पीआर श्रीजेश के संन्यास के बाद बहुत बड़ा खालीपन आ गया है। वह ऊंचे दर्जे के गोलकीपर थे। युवा गोलकीपर आए तो हैं, लेकिन उनमें भारत को अगले स्तर तक ले जाने की गुणवत्ता की कमी है।’’

ब्लाक ने कहा कि श्रीजेश की जगह लेना केवल जरूरी तकनीकी कौशल वाले गोलकीपर को खोजने से नहीं जुड़ा था।

उन्होंने कहा, ‘‘श्रीजेश ने बहुत बड़ी विरासत पीछे छोड़ी है। मुझे उनसे कुछ समानता महसूस होती है। हमारी ‘बॉडी लैंग्वेज’ में समानता थी, जिससे पता चलता था कि हम मैदान पर मौजूद हैं। वह बहुत मुखर थे। एक गोलकीपर को अंतर पैदा करना चाहिए और ऐसा लगता है कि (मौजूदा भारतीय गोलकीपरों में) यही कमी नजर आ रही है।’’

ब्लाक ने सविता और बिछू को विश्व कप की तैयारी में मदद करने के लिए भारतीय महिला टीम के साथ थोड़े समय के लिए काम किया और वह दोनों गोलकीपरों के बीच आपसी तालमेल से काफी प्रभावित हुए।

ब्लाक ने कहा, ‘‘मुझे उनका एक-दूसरे की मदद करने का तरीका बहुत पसंद है। मेरे करियर के दौरान ऐसा नहीं था और मैं उनसे एक कोच के रूप में भी बहुत कुछ सीख सकता हूं। वे वास्तव में बहुत अच्छे और मिलनसार हैं और उनकी यही बात मुझे सबसे ज्यादा पसंद है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा बहुत कम ही होता है कि दो खिलाड़ी आपस में प्रतिस्पर्धा न कर रहे हों, बल्कि एक-दूसरे की मदद कर रहे हों। मैंने उनसे पूछा, ‘क्या आप सच में ऐसा कह रहे हैं, आप एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहे हैं।’’

दोनों गोलकीपरों ने भारत के विश्व कप में शानदार प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय टीम इस प्रतियोगिता में पांचवें स्थान पर रही जो 52 वर्षों में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

ब्लाक का मानना ​​है कि एक दशक से अधिक समय से भारत की पहली पसंद की गोलकीपर रही सविता अपनी उत्तराधिकारी को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले एक दशक से सविता जो तैयारी कर रही थी, वह अविश्वसनीय है। यह अच्छी बात है कि वह खुद बिछू को भविष्य के लिए तैयार कर रही है।’’

नीदरलैंड के लिए 150 से अधिक मैच खेलने वाले इस पूर्व गोलकीपर ने कहा, ‘‘यह बहुत अच्छा होगा अगर वे कुछ समय तक साथ खेलें, जहां सविता खुलकर कहे कि मैं जल्द ही संन्यास लेने वाली हूं और मैं बिछू को मौका दे रही हूं। एक युवा गोलकीपर के साथ एक अनुभवी गोलकीपर का होना बहुत अच्छा है।’’

ब्लाक ने कहा कि विश्व कप से पहले सीमित समय को देखते हुए दोनों गोलकीपरों में बड़े तकनीकी बदलाव करना उनका काम नहीं था।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने रणनीति में कोई बदलाव नहीं किया है। मैंने बस इस बात पर चर्चा की कि हम कहां बेहतर कर सकते हैं और मेरा दृष्टिकोण क्या है। मैं उन्हें यथास्थिति में रखता हूं। वे शानदार हैं और उनकी खेल शैली अद्वितीय है।’’

इसके बजाय उन्होंने गोलकीपिंग के मानसिक पहलू और किसी बड़े टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने से जुड़े दबाव पर ध्यान केंद्रित किया।

उन्होंने कहा, ‘‘सविता और मैं भारतीय टीम में अपेक्षाओं के दबाव के बारे में भी बात करते हैं। मैं इसे समझता हूं। मैं उन पलों से गुजर चुका हूं और सविता ने भी इसका अनुभव किया है।’’

ब्लाक ने कहा, ‘‘दो सप्ताह में हम कुछ भी नहीं बदल सकते, लेकिन मैंने उनसे इन पहलुओं के बारे में बात की। मुझे लगता है कि गोलकीपिंग में मानसिक पहलू सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है।’’

ब्लाक से जब पूछा गया कि भारतीय पुरुष टीम विश्व कप में ओलंपिक जैसी सफलता क्यों नहीं दोहरा सकी, तो उन्होंने कहा, ‘‘विश्व कप के लिए समझदारी और मानसिक तैयारी बहुत महत्वपूर्ण हैं।’’

उन्होंने भारत के युवा गोलकीपरों मोहित एचएस और सूरज करकेरा को सलाह दी कि वे अपने आसपास मौजूद अनुभव का लाभ उठाएं और स्पष्ट योजना तैयार करें।

उन्होंने कहा, ‘‘आपके पास बेहतरीन कोचिंग स्टाफ है। श्रीजेश जैसे दिग्गज हैं। इसलिए सबको मिलकर स्पष्ट योजना बनानी चाहिए। आपको एक रणनीति तैयार करनी होगी और उस पर अमल करना होगा।’’

भाषा मोना

पंत नमिता

नमिता


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