विजय अमृतराज की भारतीय टेनिस खिलाड़ियों को एकल पर ध्यान देने की सलाह

विजय अमृतराज की भारतीय टेनिस खिलाड़ियों को एकल पर ध्यान देने की सलाह

विजय अमृतराज की भारतीय टेनिस खिलाड़ियों को एकल पर ध्यान देने की सलाह
Modified Date: June 22, 2026 / 10:33 am IST
Published Date: June 22, 2026 10:33 am IST

(सुमन रे)

चेन्नई, 22 जून (भाषा) अपने जमाने के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज ने भारत के उभरते खिलाड़ियों को युगल के बजाय एकल को प्राथमिकता देने की सलाह देते हुए कहा कि उनका अंतिम लक्ष्य केवल टूर में भाग लेना नहीं बल्कि विश्व के शीर्ष 50 में जगह बनाना, नियमित रूप से ग्रैंड स्लैम में प्रतिस्पर्धा करना और एटीपी खिताब जीतना होना चाहिए।

विश्व के पूर्व नंबर 16 खिलाड़ी अमृतराज ने युवा खिलाड़ियों को रोजर फेडरर, राफेल नडाल और सेरेना विलियम्स जैसे महान एकल चैंपियनों की उपलब्धियों का अनुकरण करने को कहा।

अमृतराज ने पीटीआई से कहा, ‘‘आप टेनिस खेलना इसलिए शुरू नहीं करते कि आप सबसे महान युगल खिलाड़ी या सबसे महान मिश्रित युगल खिलाड़ी बनें। आप टेनिस खेलना इसलिए शुरू करते हैं कि आप अगले फेडरर, अगले नडाल या अगली सेरेना विलियम्स बनें।’’

उन्होंने कहा, ‘‘टेनिस इसलिए खेलना शुरू किया जाता है कि आप एकल में शीर्ष स्तर पर पहुंचे। इसलिए मुझे लगता है कि खिलाड़ियों का यही लक्ष्य होना चाहिए।’’

विंबलडन के क्वार्टर फाइनल और यूएस ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले अमृतराज ने कहा कि भारतीय टेनिस को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है जो लगातार चारों ग्रैंड स्लैम में हिस्सा लें।

जब अमृतराज से पूछा गया कि लिएंडर पेस और सानिया मिर्जा जैसे खिलाड़ियों ने अपने करियर के चरम पर एकल से युगल में जाने का विकल्प क्यों चुना, उन्होंने कहा, ‘‘मैं नहीं जानता कि तब उनके दिमाग में क्या चल रहा था और उनकी दिलचस्पी का स्तर क्या था। मुझे इस बात का भी कोई अंदाजा नहीं है कि उनका सपना क्या था, वे कितने समय तक खेलना चाहते थे।’’

अमृतराज ने कहा, ‘‘ऐसे कई सवाल हैं जिनके जवाब सिर्फ कोच, अभिभावक और खिलाड़ी ही दे सकते हैं। उन्होंने वही किया जो वह करना चाहते थे।’’

उन्होंने कहा कि किसी भी टेनिस खिलाड़ी के लिए एटीपी रैंकिंग में शीर्ष 100 में जगह बनाना और ग्रैंड स्लैम में अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी है।

अमृतराज ने कहा, ‘‘ जब आपके करियर पर वापस नजर दौड़ाई जाती है तो यही देखा जाता है कि आपने कितने खिताब जीते, कितनी बार ग्रैंड स्लैम खेले, ग्रैंड स्लैम में आप कितने आगे तक पहुंचे और आप कितने ग्रैंड स्लैम जीत पाए। यही बात जोकोविच, नडाल और फेडरर को इतना महान बनाती है। इन तीनों ने मिलकर 66 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले हमें ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के एकल में जगह बनानी चाहिए। हमें एक ऐसे खिलाड़ी की जरूरत है जो लगातार चारों ग्रैंड स्लैम में खेलता हो। यही मापदंड होना चाहिए।’’

भाषा

पंत

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