विराट का जोश फील्डिंग करते समय अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरित करता है: टी दिलीप

विराट का जोश फील्डिंग करते समय अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरित करता है: टी दिलीप

विराट का जोश फील्डिंग करते समय अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरित करता है: टी दिलीप
Modified Date: August 11, 2026 / 02:18 pm IST
Published Date: August 11, 2026 2:18 pm IST

नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) भारत के पूर्व फील्डिंग कोच टी दिलीप ने कहा विराट कोहली का क्षेत्ररक्षण करते समय जोश अन्य खिलाड़ियों पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है और इससे कम से कम पांच अन्य खिलाड़ी अपनी सीमा से बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं।

दिलीप का भारतीय टीम के साथ लगभग पांच साल का कार्यकाल हाल ही में इंग्लैंड दौरे के बाद समाप्त हुआ। उन्होंने अभ्यास और मैच के दौरान जोश और जज्बा बनाए रखने के लिए भी कोहली की सराहना की।

दिलीप ने जियोस्टार से कहा, ‘‘जब विराट कोहली की बात आती है, तो उनके जोश का कोई सानी नहीं है। आपने उन्हें पावरप्ले में देखा है, एक बल्लेबाज के रूप में उनका खेल देखा है। चाहे वह कवर पर हों या शॉर्ट मिड-विकेट पर, उनकी फुर्ती और उनकी डाइव का कोई जवाब नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पिछली श्रृंखला में भी वह शानदार डाइव लगा रहे थे और काफी चुस्त दुरुस्त थे। वह खेल में हर समय अपना सब कुछ झोंक देते हैं।’’

दिलीप ने कहा, ‘‘अपने करियर के इस मोड़ पर भी वह डेथ ओवरों में एक छोर से दूसरे छोर तक दौड़ते हैं। जब फील्डिंग फैली होती है तो सर्कल से बाहर निकलने वाले वह पहले खिलाड़ी होते हैं। टीम के लिए ऐसा करना शानदार है।’’

दिलीप ने कहा कि कोहली के इस जोश का अन्य खिलाड़ियों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने कहा, ‘‘विराट कोहली के लिए अभ्यास सत्र और मैच में ज्यादा फर्क नहीं होता। बात सिर्फ विराट की नहीं है; बल्कि उन पांच अन्य खिलाड़ियों की भी है जिन्होंने विराट कोहली के साथ फील्डिंग करते हुए अपनी सीमाओं को पार किया है। यही उनका टीम पर प्रभाव है।’’

दिलीप के भारत के फील्डिंग कोच के रूप में कार्यकाल में 2024 टी20 विश्व कप में टीम की जीत शामिल थी, जिसे उन्होंने अपने कार्यकाल का सबसे अच्छा क्षण बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं अपने सबसे बेहतरीन पल को याद करूं, तो मुझे बारबाडोस 2024 याद आता है, न सिर्फ ट्रॉफी, बल्कि उसके बाद ड्रेसिंग रूम का माहौल। मैं उस पल को हमेशा अपने मन में संजोकर रखूंगा।’’

भाषा

पंत

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