विस्मया और श्रीनिवास को नाडा के अनुशासनात्मक पैनल ने क्रमशः दो और चार साल के प्रतिबंधित किया
विस्मया और श्रीनिवास को नाडा के अनुशासनात्मक पैनल ने क्रमशः दो और चार साल के प्रतिबंधित किया
नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) एशियाई खेलों 2018 में चार गुणा 400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय धाविका वी.के. विस्मया को प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन में दोषी पाए जाने के करीब दो साल बाद राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के डोपिंग रोधी अनुशासनात्मक पैनल ने दो साल के निलंबन की सजा सुनाई है।
विस्मया 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाली भारतीय महिला रिले टीम का हिस्सा थीं। उनके नमूने में प्रतिबंधित पदार्थ क्लोमिफीन की पुष्टि होने के बाद 2024 में उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था। यह पदार्थ हार्मोन और मेटाबोलिक मॉड्यूलेटर श्रेणी में आता है और खिलाड़ी के लिए हर समय प्रतिबंधित है।
उनका नमूना 15 अगस्त 2024 को कोच्चि के पास पेरुंबवूर स्थित उनके घर पर प्रतियोगिता से बाहर परीक्षण के दौरान लिया गया था और अगले महीने उन्हें इसके बारे में सूचित किया गया। विस्मया ने बाद में दावा किया था कि उन्होंने नमूना संग्रह के दौरान चिकित्सीय उपयोग छूट (टीयूई) के लिए आवेदन किया था।
इस 29 वर्षीय धाविका ने कहा था कि उन्होंने क्लोमिफीन का सेवन गर्भधारण से जुड़ी चिकित्सा जरूरत के लिए डॉक्टर की सलाह पर किया था और इसका प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है।
डोपिंग रोधी अनुशासनात्मक पैनल के पिछले महीने दिए गए आदेश में उन्हें 29 अक्टूबर 2024 से प्रभावी दो साल का प्रतिबंध दिया गया, जिसका विवरण हाल ही में नाडा ने सार्वजनिक किया। इसका मतलब यह हुआ कि वह छह महीने बाद प्रतिस्पर्धा में वापसी कर पाएंगी।
फर्राटा धावक एन. शन्मुगा श्रीनिवास को नमूना देने से बचने, इंकार करने या विफल रहने के आरोप में छह फरवरी 2025 से चार साल के प्रतिबंध की सजा सुनाई गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, श्रीनिवास उन दो एथलीटों में शामिल थे जिन्हें पूर्व जूनियर राष्ट्रीय एथलेटिक्स कोच एन. रमेश ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के हैदराबाद केंद्र में डोप परीक्षण से बचने में मदद की थी। रमेश को पहले अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था लेकिन नाडा के अपील पैनल ने पिछले महीने उनका निलंबन हटा दिया।
भाषा
आनन्द सुधीर
सुधीर

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