निशानेबाजों ने किया निराश, वुशु खिलाड़ी रोशिबीना ने जीता रजत
निशानेबाजों ने किया निराश, वुशु खिलाड़ी रोशिबीना ने जीता रजत
(फिलेम दीपक सिंह और अजय मसंद)
नागोया, 24 सितंबर (भाषा) भारत के लिए एशियाई खेलों में बृहस्पतिवार को निशानेबाजी रेंज से कोई उत्साहजनक परिणाम नहीं मिला हालांकि स्कीट निशानेबाजों ने एक बार फिर लड़खड़ाते अभियान को संभाला, जबकि रोवर्स ने कांस्य पदक और वुशु खिलाड़ी रोशिबीना देवी ने लगातार दूसरा रजत पदक जीतकर भारतीय खेमे में कुछ जोश भरा।
एशियाई खेलों में अभी तक भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। उसने भले ही 15 पदक हासिल कर लिए हैं लेकिन इसमें एक केवल एक स्वर्ण पदक दर्ज है जो महिला क्रिकेट टीम ने जीता था।
भारत को निशानेबाजी में बहुत उम्मीद थी लेकिन उसके खिलाड़ियों का प्रदर्शन अभी तक अपेक्षित नहीं रहा है। बुधवार को महिला एयर पिस्टल टीम को कोई सफलता नहीं मिली और बृहस्पतिवार को पुरुष टीम का भी प्रदर्शन निराशाजनक रहा। भारत टीम स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहा और तीनों निशानेबाजों में से कोई भी व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना पाया।
अगर परिनाज धालीवाल और अनंतजीत सिंह नारुका ने मिश्रित टीम स्कीट में कांस्य पदक नहीं जीता होता तो बृहस्पतिवार को निशानेबाजी में भारत की झोली खाली जाती।
पिछले कुछ दिनों में खिलाड़ियों में असंतोष के कारण रोइंग चर्चा में रहा था लेकिन बृहस्पतिवार को यह जगह उनके प्रदर्शन ने ले ली। सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने पुरुषों की डबल स्कल्स स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा। भारत का यह इस स्पर्धा में पहला पदक है।
भारतीय जोड़ी 1,500 मीटर के निशान तक दूसरे स्थान पर बनी रही, लेकिन अंतिम 500 मीटर में फिसलकर तीसरे स्थान पर आ गई और नागरगावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स पर 6:13.25 का समय निकालकर स्वर्ण पदक विजेता चीन से 3.88 सेकंड पीछे रही।
सतनाम ने कहा, ‘‘हमने पांच दिन पहले ही पुरुषों की डबल स्कल्स स्पर्धा में जोड़ी बनाई थी। मुझे गर्व है कि केवल पांच दिनों के साथ के बाद ही हम इस स्पर्धा में एशियाई खेलों का पदक जीतने में कामयाब रहे हैं।’’
वहीं, रोशिबीना ने लगातार दूसरी बार रजत पदक और कुल तीसरा पदक जीतकर एशियाई खेलों के इतिहास में भारत की सबसे सफल वुशु खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड बनाया। महिला वर्ग के 60 किलोग्राम फाइनल में उन्हें चीन की झांग शियाओयु से हार का सामना करना पड़ा।
रोशिबीना दरअसल इस प्रतियोगिता के लिए ट्रायल में हार गई थीं और लेकिन उनकी जगह चुनी गई दिव्यांशी चौधरी के चोटिल होने से उनके लिए सफलता के द्वार खुल गए।
भारत की पुरुष और महिला कबड्डी टीमों ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए अपने अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारतीय पुरुष टीम ने ग्रुप के अपने अंतिम मुकाबले में चीनी ताइपे को 37-21 से जबकि महिलाओं ने जापान को 50-25 से हराकर अपने लिए कांस्य पदक सुनिश्चित किया।
स्क्वाश में भी भारत के लिए एक शानदार दिन रहा। अनाहत सिंह, तन्वी खन्ना, अभय सिंह और वीर चोटरानी एकल के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे जबकि जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार मिश्रित युगल के अंतिम आठ में जगह बनाने में कामयाब रहे।
टेबल टेनिस प्रतियोगिता में भी भारतीय खिलाड़ियों ने आसान जीत हासिल की। महिला युगल में श्रीजा अकुला और सिंड्रेला दास तथा यशस्विनी घोरपड़े और दिया चिताले की जोड़ियां प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच गईं।
पुरुष एकल वर्ग में मानुष शाह और मानव ठक्कर भी अंतिम 32 में पहुंच गए हैं।
हॉकी में भारत ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। बेहतरीन फॉर्म में चल रहे स्ट्राइकर दिलप्रीत सिंह ने हैट्रिक लगाकर भारतीय पुरुष हॉकी टीम को कोरिया पर 8-2 से आसान जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस जीत ने भारतीय टीम की सेमीफाइनल में जगह लगभग सुनिश्चित कर दी।
यह भारत की लगातार तीसरी जीत थी, जिससे वह पूल ए में शीर्ष पर बना हुआ है। भारत ने इससे पहले पूल के शुरुआती दो मैचों में इंडोनेशिया को 13-1 और श्रीलंका को 16-1 से हराया था।
मुक्केबाजी में हालांकि भारत के लिए आज अच्छा दिन नहीं रहा। परवीन एकमात्र भारतीय मुक्केबाज थीं जो महिला 65 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में वॉकओवर मिलने के बाद अगले राउंड में पहुंचीं। उनकी साथी खिलाड़ी साक्षी चौधरी (51 किलोग्राम) और सुमित (70 किलोग्राम) बाहर हो गए।
साक्षी महिला 51 किलोग्राम वर्ग में कजाकिस्तान की अलुआ बाल्किबेकोवा से 2-3 से हारने के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। सुमित को घुटने की चोट के कारण बीच मुकाबले में ही हटना पड़ा।
कलात्मक जिम्नास्टिक में आठ महिलाओं के वॉल्ट फाइनल में भारत की प्रणति नायक छठे स्थान पर रही।
तलवारबाज़ी में भी कुछ खास प्रदर्शन नहीं रहा। महिला व्यक्तिगत साबरे स्पर्धा में सी ए भवानी देवी और श्रेया गुप्ता बाहर हो गईं। ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा करने वाली भारत की पहली तलवारबाज़ भवानी ने राउंड ऑफ 32 में मंगोलिया की ओउलेन तुग्सजारगन को 15-8 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई लेकिन इसके बाद वह चीन की राव ज़ुएयी से 5-15 से हार गई।
भाषा
पंत सुधीर
सुधीर

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