आप कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाज पर अंकुश नहीं लगा सकते हैं: जैमीसन

आप कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाज पर अंकुश नहीं लगा सकते हैं: जैमीसन

आप कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाज पर अंकुश नहीं लगा सकते हैं: जैमीसन
Modified Date: January 12, 2026 / 11:52 am IST
Published Date: January 12, 2026 11:52 am IST

वडोदरा, 12 जनवरी (भाषा) विराट कोहली के प्रतिद्वंद्वी और साथी खिलाड़ी दोनों रह चुके न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर काइल जैमीसन इस भारतीय बल्लेबाज के कौशल को देख कर हैरान रह जाते हैं और उनका मानना है कि इस दिग्गज खिलाड़ी पर अंकुश लगाना किसी भी गेंदबाज के लिए टेढ़ी खीर होती है।

कोहली रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में इस प्रारूप में रिकॉर्ड 54वां वनडे शतक बनाने के करीब थे, लेकिन जैमीसन ने उन्हें 93 रन पर आउट कर दिया। भारत ने यह मैच चार विकेट से जीता।

आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु में कोहली के साथ ड्रेसिंग रूम साझा कर चुके जैमीसन ने कहा कि यह निर्धारित करना मुश्किल है कि यह भारतीय बल्लेबाज इस समय अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में है या नहीं।

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जैमीसन ने मैच के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘ यह कहना मुश्किल है कि यह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है या नहीं। वह लंबे समय से काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। जब भी उनसे आमना सामना होता है, तो आपको लगता है कि उनसे मुकाबला करने के लिए भी आपको अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। वह एक अलग ही स्तर के खिलाड़ी हैं और अधिकतर समय अच्छी लय में नजर आते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कोहली जैसे खिलाड़ियों को रोकने के लिए आपको कुछ खास रणनीति बनानी होती है। लेकिन उन जैसे दिग्गज बल्लेबाजों पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता है। वह थोड़ा बहुत अपना दबदबा बनाए रखते हैं, इसलिए मुझे उन्हें खेलते हुए देखना बहुत अच्छा लगा।’’

जैमीसन ने आईपीएल में मोटी कमाई करने से लेकर पीठ संबंधी समस्याओं के कारण मैदान से बाहर रहने तक के उतार-चढ़ाव देखे हैं। उन्होंने अपने करियर में जो कुछ भी हासिल किया उसके लिए वह खुद को आभारी मानते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव आते हैं। सभी के अपने-अपने अनुभव होते हैं। मैं सौभाग्यशाली था कि मुझे अपनी करियर की शुरुआती दौर में ही आईपीएल में खेलने का मौका मिला।’’

जैमीसन ने कहा, ‘‘मेरा नजरिया अब काफी हद तक बदल गया है। मैं आजकल दौरे पर जाने, क्रिकेट खेलने और मैदान पर अपनी उपस्थिति दर्ज करने के लिए पहले की तुलना में अधिक कृतज्ञ महसूस करता हूं।’’

भाषा

पंत

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