शिक्षाकर्मियों ने उठाया अनुकंपा नियुक्ति का मुद्दा, साढ़े 3 हजार आश्रितों के लिए मांगी नौकरी

शिक्षाकर्मियों ने उठाया अनुकंपा नियुक्ति का मुद्दा, साढ़े 3 हजार आश्रितों के लिए मांगी नौकरी

Edited By: , March 25, 2021 / 06:00 PM IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मियों ने अनुकंपा नियुक्ति को लेकर आवाज बुलंद की है। संघ का दावा है कि लगभग साढ़े तीन हजार दिवंगत शिक्षाकर्मियों का परिवार अनुकंपा नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने वेतन विसंगति दूर करते हुए क्रमोन्नति और संविलियन के साथ दिवंगत शिक्षाकर्मी के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की है।

 

शिक्षाकर्मी मोर्चा ने कहा है कि सीधी भर्ती के लिए जो अनिवार्य योग्यता तय की गई, वही शिक्षाकर्मियों के आश्रितों के लिए रखी गई है। अर्थात सहायक शिक्षक पंचायत पद के लिए 12 वीं उत्तीर्ण होने के साथ व्यावसायिक योग्यता डीएड और टेट की अनिवार्यता है। जिसके कारण प्रदेश में शिक्षाकर्मियों के आश्रितों के अनुकम्पा नियुक्ति के लगभग 3500 से भी अधिक प्रकरण लंबित हैं। जिससे उनके परिवार के समक्ष अत्यंत आर्थिक संकट आ चुका है।

संघ का कहना है कि शिक्षाकर्मियों के आश्रितों को भी प्रदेश के अन्य कर्मचारियों की भांति उनके शैक्षिणक योग्यता के आधार तत्काल अनुकम्पा प्रदान की जानी चाहिए। नियुक्ति पश्चात अनिवार्य व्यावसायिक योग्यता हेतु पर्याप्त समय प्रदान किया जाना चाहिएशैक्षणिक योग्यता के आधार पर चतुर्थ वर्ग के पदों पर भी नियुक्ति दी जानी चाहिए। वर्तमान के जटिल नियमों को विलोपित करते हुए अनुकम्पा को विशेष राहत मानते हुए पीड़ित परिवार की तत्काल सहायता की जानी चाहिए।

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इस दौरान शिक्षाकर्मी  स्व. धर्मेंद्र श्रीवास की पत्नी  पूर्णिमा श्रीवास ने बताया की पति की मृत्यु के बाद वो किस तरह से आर्थिक तंगी का सामना कर  रही हैं। इसी दौरान सचिन यादव जो गवर्मेंट स्कूल  टोहड़ा वि ख तिल्दा में पदस्थ थे जिनकी 6 महीने पहले डेथ हो चुकि है उनकी पत्नी  त्रिवेणी यादव ने बताया कि वे खुद राजनीति शास्त्र में एमए हैं उन्होंने अनुकम्पा के लिए आवेदन किया है लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। 

शिक्षक नगरीय निकाय मोर्चा के प्रांतीय संचालक विरेन्द्र दुबे ने कहा कि हमारे दिवंगत साथियों के परिवार की स्थिति अत्यंत खराब है। उन्हें न वेतन मिल रहा है न ही पेंशन। अनुकंपा नियुक्ति के लिए दर दर की ठोकरें मिल रही है। अनुकंपा नियुक्ति संवेदनशील मामला हैजिसमें एक दुःखी परिवार को दर-दर की ठोकर खाने से और आर्थिक संकटों से मुक्ति दिलाने का एक प्रयास होना चाहिए। उन्होंने 2010 के बाद से अब तक के सभी अनुकम्पा के लम्बित मामलों पर तत्काल नियुक्ति देने की मांग की है। 

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वेब डेस्क IBC24