छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने माँगा 27 प्रतिशत आरक्षण
छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने माँगा 27 प्रतिशत आरक्षण
–छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग रायपुर बैठक में केन्द्र सरकार के समान छत्तीसगढ़ में भी अन्य पिछड़े वर्गों को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के विषय में विचार-विमर्श के बाद यह प्रस्ताव विचारार्थ शासन को भेजने पर आम सहमति व्यक्त की गई. प्रदेश में इस समय एसटी को 32 प्रतिशत, एससी को 12 प्रतिशत अारक्षण तथा पिछड़ा वर्ग को 14 प्रतिशत अारक्षण नियमानुसार दिया जा रहा है.अायोग के कार्यालय में अध्यक्ष डॉ. सियाराम साहू की अध्यक्षता में आयोग की सामान्य बैठक हुई। बैठक में विगत माह के शिकायतों एवं जाति समावेशन हेतु प्राप्त आवेदनों के निराकरण के साथ ही साथ अन्य पिछड़ा वर्ग के हित संवर्धन में भविष्य में किए जाने वाले विषयों पर चर्चा की गई। आयोग द्वारा जाति समावेशन हेतु प्राप्त आवेदनों में से राज्य की पिछड़ा वर्ग की सूची में अनुक्रमांक 79 में पूर्व से स्थापित हिन्दू पिंजारा की उपजाति कोसरिया एवं अनुक्रमांक 55 में पूर्व में स्थापित रौतिया की मात्रात्मक त्रुटि रवतिया को सूची में शामिल करने संबंधी अनुशंसा पर सहमति हुई.
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बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य में केन्द्र की जाति प्रमाण पत्र की वैधता को एक वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष किए जाने पर आम सहमति हुई। बैठक में अन्य राज्यों से विवाह कर आने वाली अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं की नियोजन की समस्या पर चर्चा करते हुए उनको विवाह प्रमाण पत्र के आधार पर निर्वाचन कार्ड बनाने तथा निर्वाचन कार्ड को आधार मानकर निवास प्रमाण पत्र जारी करने संबंधी स्पष्ट निर्देश शासन द्वारा जारी किए जाने हेतु शासन को प्रस्ताव प्रेषित किए जाने पर आम सहमति बनी। साथ ही आयोग द्वारा यह भी सुनिश्चित किया गया कि अन्य पिछड़ा वर्ग के राज्य की सूची में जाति के समावेशन एवं विलोपन के पूर्व राज्य के दैनिक समाचार पत्रों में दावा आपत्ति हेतु उद्घोषणा का प्रकाशन सुनिश्चित किया जावें.
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आयोग द्वारा अधिनियम में प्रदत्त धारा 9 (1) में कृत्यों के पालन में अन्य पिछड़ा वर्ग के हित संरक्षण के संबंध में प्राप्त आवेदनों पर विचार करते हुए इस बात पर चर्चा की गई कि विगत कुछ वर्षो से काल्पनिक आवेदकों के नाम से फर्जी आवेदन किए जाते रहे है। अतः बैठक में आयोग द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग के प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों को 50 रूपए के गैर न्यायायिक स्टाम पेपर के शपथ के साथ आवेदन प्राप्त करने संबंधी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर एक जनवरी 2018 से लागू किया जाना सुनिश्चित किया जाए.इस अवसर पर आयोग के सदस्य प्रहलाद रजक, मुनेश्वर सिंह केसर, डॉ. सुखनंदन सोनकर, बिशुन लाल कश्यप, ईश्वर पटेल, दिलीप दीवान, सचिव बी.आर. साहू एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे.

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