हाथी से हाथ मिलाकर पंजे की ताकत बढ़ाएगी कांग्रेस

हाथी से हाथ मिलाकर पंजे की ताकत बढ़ाएगी कांग्रेस

हाथी से हाथ मिलाकर पंजे की ताकत बढ़ाएगी कांग्रेस
Modified Date: November 29, 2022 / 08:39 pm IST
Published Date: March 26, 2018 11:17 am IST

भोपाल। यूपी में लोकसभा उपचुनाव का असर मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल रहा है.सत्ता से 14 साल दूर रहने वाली कांग्रेस ने इस बार बीएसपी-एसपी की तर्ज पर प्रदेश में हाथी से हाथ मिलाने का विचार किया है. जिसके बाद बीजेपी में हलचल तेज हो गई है.

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मध्यप्रदेश में चौथी बार सरकार बनाने का सपना देख रही  बीजेपी के लिए इस बार थोड़ी मुश्किल पैदा हो सकती है..क्योंकि कांग्रेस अब यूपी की तर्ज पर एमपी में भी विरोधियों को एकजुट करने की कोशिशों में लग गई है. बीजेपी को 2018 में सत्ता से दूर करने के लिए कांग्रेस अब बहुजन समाज पार्टी से हाथ मिलाने जा रही है. इसके लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता भी तैयार हैं. हाल ही हुए उपचुनाव और पहले के उपचुनाव में बसपा प्रत्याशी के खड़े नहीं होने का सीधा असर कांग्रेस वोट बैंक में पड़ा. वोट नहीं बंटने से कांग्रेस ने  बीजेपी को हराया. जिसके बाद अब आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा और कांग्रेस का गठबंधन पक्का माना जा रहा. बीजेपी ने भी मान लिया है अबकी बार चुनाव मोदी बीजेपी वर्सेस ऑल होगा.

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कांग्रेस ने पिछले चुनाव में बसपा के कारण ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग की दो दर्जन से ज्यादा सीटों नुकसान झेला था. वहीं कांग्रेस के कारण भी बसपा को काफी नुकसान उठाना पड़ा था. पिछले तीन विधानसभा चुनाव को देखें तो बसपा की ग्वालियर, मुरैना, शिवपुरी, रीवा और सतना जिलों में दो से लेकर सात सीटों पर जीत हुई है । लेकिन भिंड, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, रीवा, सतना की कुछ सीटों पर दूसरे स्थान पर रहकर पार्टी ने अपनी ताकत दिखाई है। जिन सीटों पर बसपा ने जीत हासिल की वहां 0.35 फीसदी से लेकर करीब 11 फीसदी वोटों के अंतर से प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशियों को शिकस्त दी है। यही वजह यही कांग्रेस बीएसपी की ताकत जानते हुए इस गठबंधन पर गंभीर है ! 

 

देश में बढ़ती बीजेपी की ताकत के खिलाफ चुनावी साल 2018 में कांग्रेस हर हाल में मध्यप्रदेश में कमबैक की कोशिशों में है. इसके लिए चाहे राष्ट्रीय स्तर का फोकस हो या फिर प्रदेश स्तर पर नए प्रयोग..पार्टी हर मोर्चे पर किसी भी तरह बीजेपी को रोकना चाहती है.

 

 

सुधीर दंडोतिया IBC24 भोपाल

 

 


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