अदालत ने जेट एयरवेज के प्रवर्तक के खिलाफ मामला बंद करने संबंधी रिपोर्ट स्वीकार की

अदालत ने जेट एयरवेज के प्रवर्तक के खिलाफ मामला बंद करने संबंधी रिपोर्ट स्वीकार की

अदालत ने जेट एयरवेज के प्रवर्तक के खिलाफ मामला बंद करने संबंधी रिपोर्ट स्वीकार की
Modified Date: November 29, 2022 / 08:14 pm IST
Published Date: December 22, 2020 11:22 am IST

मुंबई, 22 दिसंबर (भाषा) जेट एयरवेट, उसके प्रवर्तक नरेश गोयल और उनकी पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी के एक मामले में मुंबई पुलिस द्वारा दायर की गई क्लोजर रिपोर्ट (मामले में आगे जांच की जरूरत न होने संबंधी रिपोर्ट) मंगलवार को यहां एक मेट्रोपोलिटन अदालत ने स्वीकार कर ली।

विमानन कंपनी की उड़ानें पिछले साल अप्रैल से ही बंद हैं।

बंबई उच्च न्यायालय द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मामले में हस्तक्षेप से जुड़ी याचिका को खारिज किये जाने के एक दिन बाद यह आदेश आया है। ईडी भी इस मामले की जांच कर रही है।

इससे पहले मेट्रोपोलिटन अदालत और एक सत्र अदालत यहां ईडी की ऐसी ही याचिका को खारिज कर चुके हैं।

शहर के अकबर ट्रेवल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एटीआईपीएल) की शिकायत पर इस साल फरवरी में यहां एमआरए मार्ग पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप में जेट एयरवेज, गोयल और उनकी पत्नी के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था।

एटीआईपीएल ने आरोप लगाया था कि गोयल ने उनके साथ 46 करोड़ रुपये का धोखा किया।

पुलिस ने मार्च में क्लोजर रिपोर्ट दायर करते हुए कहा था कि उन्हें शिकायतकर्ता के साथ धोखाधड़ी के कोई साक्ष्य नहीं मिले।

एटीआईपीएल ने बाद में पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ याचिका दायर की थी।

मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की एक अदालत ने हालांकि मंगलवार को एटीआईपीएल की याचिका को खारिज करते हुए पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली।

एटीआईपीएल के वकील धर्मेश जोशी ने कहा कि वे विस्तृत आदेश पढ़ने के बाद आगे के कदम पर फैसला करेंगे।

ईडी भी गोयल और बुरी तरह कर्ज में डूबी जेट एयरवेज के खिलाफ धन शोधन निरोधक अधिनियम और विदेशी मुद्रा विनिमय अधिनियम के तहत जांच कर रही है।

भाषा

प्रशांत माधव

माधव


लेखक के बारे में