मंदसौर : पुलिस फायरिंग में मृत किसानों को 1-1 करोड़ का मुआवजा, परिजनों को सरकारी नौकरी

मंदसौर : पुलिस फायरिंग में मृत किसानों को 1-1 करोड़ का मुआवजा, परिजनों को सरकारी नौकरी

मंदसौर : पुलिस फायरिंग में मृत किसानों को 1-1 करोड़ का मुआवजा, परिजनों को सरकारी नौकरी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:58 pm IST
Published Date: June 6, 2017 9:52 am IST

 

मंदसौर में किसानों का आंदोलन उग्र हो गया है इस आंदोलन ने 6 किसानों की जानें लील ली। मंदसौर के पारसनाथ इलाके में आज सुबह किसान प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन करने के दौरान किसानों की भीड़ हंगामा करने लगी…पहले पथराव शुरू हुआ और अचानक फायरिंग होने लगी। गोली लगने से 5 किसान घायल हो गए। इलाज के दौरान एक-एक कर सभी ने दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शी की माने तो पुलिस और किसान एक दूसरे पर पथराव कर रहे थे। इसी बीच पुलिस ने फायरिंग कर दी। किसानों की मौत के बाद हालात बिगड़ने पर शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। लेकिन किसानों का गुस्सा शांत नहीं हुआ किसानों ने बूढ़ा चैकी में आग लगा दी। किसानों ने पिपलिया मंडी में भी आग लगाने की कोशिश की। इस दौरान 7 किसान आग में झुलस गए। शहर में बिगड़ते हालातों को देखते हुए इंटरनेट सुबह से ही बंद है। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इस मामले पर सीएम शिवराज ने भोपाल में आपात बैठक बुलाई। बैठक में इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए और मुआवजे का ऐलान किया। मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ और घायलों को 5-5 लाख के मुआवजे का ऐलान किया गया साथ ही परिजनों को सरकारी नौकरी की घोषणा। इस पूरे मामले पर गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि प्रदर्शन के दौरान गोली पुलिस ने नहीं चलाई। वहीं भूपेंद्र सिंह ने ये भी कहा कि अब इस आंदोलन में किसान नहीं बचे है…किसान तो मांगे माने जाने के बाद आंदोलन से हट गए है अब असमाजिक लोग इस आंदोलन को चला रहे है।


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