मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व ओलंपियन हॉकी खिलाड़ी असलम शेर खान अब पार्टी के सदस्य नहीं रहे। असलम शेर खान ने अपना इस्तीफा कांग्रेस आलाकमान को दिया था, जिसे मंजूर कर लिया गया है। भोपाल में कांग्रेस के प्रवक्ता के के मिश्रा ने बयान दिया है कि असलम शेर खान अब कांग्रेस से बाहर हो चुके हैं, वो इस्तीफा दे चुके हैं। बताया जाता है कि असलम शेर खान के कांग्रेस से बाहर होने की वजह पार्टी की अंदरुनी राजनीति है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव और असलम शेर खान के बीच तनातनी चल रही थी, असलम शेर खान ने अरुण यादव को अध्यक्ष पद से हटाए जाने की मुहिम छेड़ रखी थी, इस लड़ाई में अरुण भारी पड़े जिसका खामियाजा असलम को उठाना पड़ा।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री असलम शेर खान ने करीब छह महीने पहले राष्ट्रीय स्वयं संघ की तर्ज पर राष्ट्रीय कांग्रेस स्वयंसेवक संघ बनाने की घोषणा की थी। उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए कहा था कि अब सेक्यूलर राजनीति अकेले मुस्लिम समुदाय के बूते नहीं की जा सकती, सभी को साथ लेकर चलना होगा। कांग्रेस सेवा दल को आड़े हाथों लेते हुए असलम शेर खान ने कहा था कि ये संगठन अपनी प्रासंगिकता खो चुका है और अब सिर्फ बैठकों तक सीमित रह गया है।
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असलम शेर खान पिछले कुछ महीनों से मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव को हटाए जाने की मांग सार्वजनिक रूप से करते रहे थे। उनका कहना था कि एक साल से अरुण यादव को बदले जाने की बात चल रही है, लेकिन इसपर फैसला नहीं लिया जा रहा है, जिसके कारण अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। असलम शेर खान ने ये दावा भी किया था कि कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नेता मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी कोई फैसला नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि केंद्रीय नेतृत्व को प्रदेश की कोई चिंता ही नहीं है और यही स्थिति रही तो अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में मध्य प्रदेश में लगातार चैथी बार कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ सकता है।
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राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक असलम शेर खान को उनकी यही बयानबाजी भारी पड़ गई, जिसके बाद उन्हें कांग्रेस आलाकमान को अपना इस्तीफा भेजना पड़ा, जिसे मंजूर कर लिए जाने की खबर आज सामने आई है। असलम शेर खान 1984 और 1991 में मध्यप्रदेश के बैतूल से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे और केंद्रीय मंत्री भी बनाए गए थे। इससे पहले भारतीय हॉकी टीम के सदस्य के रूप में असलम शेर खान 1972 में म्यूनिख ओलंपिक और 1975 में कुआलालंपुर वर्ल्ड कप हॉकी खेल चुके हैं।