जनता मांगे हिसाब: IBC24 की चौपाल में महेश्वर की जनता ने मांगा हिसाब

जनता मांगे हिसाब: IBC24 की चौपाल में महेश्वर की जनता ने मांगा हिसाब

जनता मांगे हिसाब: IBC24 की चौपाल में महेश्वर की जनता ने मांगा हिसाब
Modified Date: November 29, 2022 / 08:22 pm IST
Published Date: May 10, 2018 11:32 am IST

अब बात मध्य प्रदेश की महेश्वर विधानसभा की…. सियासी बिसात और मुद्दे की बात करें उससे पहले एक नजर महेश्वर की प्रोफाइल पर

खरगोन जिले में आती है विधानसभा सीट

बड़वाह और महेश्वर ब्लॉक शामिल

जनसंख्या- 3 लाख 51 हजार 428

कुल मतदाता- 2 लाख 11 हजार 133

पुरुष मतदाता-  1 लाख 7 हजार 60 

महिला मतदाता- 1 लाख 4 हजार 71

पौराणिक नगरी है महेश्वर

नर्मदा के किनारे बसा है महेश्वर

विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा

राजकुमार मेव हैं बीजेपी विधायक

महेश्वर की सियासत

महेश्वर विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा है लेकिन इस बार कांग्रेस पूरी कोशिश में है कि जीत का परचम लहराया जाए..तो वहीं बीजेपी इस बार भी जीत बरकरार रखने के इरादे से चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में जुट गई है..इसके साथ ही विधायक की टिकट की रेस भी शुरु हो गई है ।

बीते चुनाव में बीजेपी से मिली करारी हार का बदला लेने के इरादे से चुनावी में मैदान में उतरने की तैयारी में है कांग्रेस…साल 2013 में विधानसभा के चुनावी रण में बीजेपी के राजकुमार मेव ने कांग्रेस के सुनील खांडे को करारी शिकस्त दी थी…अब 2018 के चुनावी रण में बीती हार का बदला लेने की तैयारी में जुट गए हैं सियासी दल… लेकिन इसके साथ ही विधायक की टिकट के लिए दावेदारी भी शुरु हो गई है…कांग्रेस में तो एक दर्जन से ज्यादा दावेदार ताल ठोक रहे हैं…जिसमे सबसे आगे हैं डॉ विजयलक्ष्मी साधौ…तो वहीं सुनील खांडे भी दावेदार हैं…इसके अलावा लच्छीराम नागरे, बनसिंह चौहान भी टिकट की दौड़ में शामिल हैं…ये तो हुई कांग्रेस की बात बीजेपी की करें तो वर्तमान विधायक राजकुमार मेव सबसे प्रबल दावेदार हैं…इसके अलावा भूपेन्द्र आर्य, जगदीश रोकडे और  हेमलता कोचले टिकट की आस में हैं ।

महेश्वर के मुद्दे

नर्मदा किनारे बसी महेश्वर विधानसभा अपनी सुनहरे इतिहास को लेकर जानी जाती है…इतिहास भले समृद्ध हो लेकिन वर्तमान में एक नहीं कई समस्याओं से घिरा नजर आता है महेश्वर…जल विद्युत परियोजना को लेकर करोड़ों खर्च हुए लेकिन अब तक बिजली नहीं बन पा रही है…तो वहीं नर्मदा नदी में बढ़ता प्रदूषण भी एक गंभीर समस्या है…इसके अलावा अवैध रेत उत्खनन पर भी लगाम नहीं लग पा रही है …रोजगार की बात करें तो महेश्वर साड़ी के लिए मशहूर इस इलाके में  रोजगार के साधनों का अभाव है नतीजा पलायन कर रहे हैं लोग….शिक्षा के मामले में भी फिसड्डी है महेश्वर… स्कूली शिक्षा की हालत तो खराब है ही..उच्च शिक्षा के मामले में भी पीछे है..उच्च शिक्षण संस्थानों की कमी के चलते बड़े शहरों का रूख करने को मजबूर हैं युवा…तो वहीं स्वास्थ्य सुविधाओं की भी हालत खराब है । 

 

वेब डेस्क, IBC24


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