डाकू कहने वाले शिक्षक पर कमलनाथ ने दिखाई दरियादिली, कहा- अभिव्यक्ति की आजादी सभी को

डाकू कहने वाले शिक्षक पर कमलनाथ ने दिखाई दरियादिली, कहा- अभिव्यक्ति की आजादी सभी को

डाकू कहने वाले शिक्षक पर कमलनाथ ने दिखाई दरियादिली, कहा- अभिव्यक्ति की आजादी सभी को
Modified Date: November 29, 2022 / 08:56 pm IST
Published Date: January 12, 2019 9:50 am IST

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दरियादिली दिखाते हुए उन्हें डाकू कहने वाले शिक्षक को माफ कर दिया है। जबलपुर में एक शिक्षक ने सीएम कमलनाथ की तुलना डाकू से की थी, वीडियो वायरल होने के बाद कलेक्टर ने शिक्षक को सस्पेंड कर दिया था।

इसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शनिवार को एक बयान में उस टीचर को माफ करने की बात कही है। कमलनाथ ने कहा, मुझे अभी ज्ञात हुआ है कि प्रदेश के जबलपुर में एक शासकीय स्कूल में पदस्थ एक प्राध्यापक ने एक बैठक में मेरा नाम लेकर डाकू शब्द कहे जाने के वीडियो सामने आने पर वहां के ज़िला प्रशासन ने उन्हें सिविल सेवा आचरण नियम के तहत निलंबित किया है। लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है, मेरा ऐसा मानना है। मैं सदैव इसका पक्षधर रहा हूँ।

उन्होंने कहा, यह भी सही है कि शासकीय सेवा में पदस्थ रहते हुए उनका यह आचरण नियमों का उल्लंघन हो सकता है, इसलिए उनपर निलंबन की कार्रवाई की गई है। लेकिन मैं यह सोचता हूं कि इन्होंने इस पद पर आने के लिये कितने वर्षों तक तपस्या, मेहनत की होगी। इनका पूरा परिवार इन पर आश्रित होगा। निलंबन की कार्रवाई से इन्हें परेशानियो से गुज़रना पड़  सकता है।

कमलनाथ ने कहा कि एक मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी से इन पर निलंबन की कार्रवाई की जाए, यह नियमों के हिसाब से सही हो सकता है लेकिन मैं व्यक्तिगत रूप से इन्हें माफ़ करना चाहता हूँ। मैं नहीं चाहता कि इन पर कोई कार्रवाई हो। एक शिक्षक का काम होता है, समाज का नवनिर्माण करना। छात्रों को अच्छी शिक्षा देना। उम्मीद करता हूं कि वे भविष्य में अपने कर्तव्यों पर ध्यान देंगे।

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मुख्यमंत्री ने कहा, मैंने ज़िला प्रशासन को निर्देश दिए है कि इनका निलंबन अविलंब समाप्त हो। इन पर कोई कार्रवाई ना की जाए। वे ख़ुद तय करे कि जो इन्होंने जनता की चुनी हुई सरकार के मुख्यमंत्री के लिये जो कहा है, क्या वह सही है। उन्होंने यह भी कहा है कि पिछले 14 वर्षों में सेवा भारती को प्रताड़ित किया गया है। अपनों ने हमें परेशान किया। मैं इन्हें बस इतना विश्वास दिलाता हूं कि हमें ग़ैर ना समझे। हम बदले की भावना से कोई भी कार्य नहीं करेंगे और ना ही अपनों की तरह आपको प्रताड़ित करेंगे।


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