आंदोलन से पहले किसानों में मतभेद, एमपी पुलिस का ‘ऑपरेशन 240’
आंदोलन से पहले किसानों में मतभेद, एमपी पुलिस का 'ऑपरेशन 240'
भोपाल। एक जून से शुरू होने वाले किसान आंदोलन को लेकर किसानों में मतभेद नजर आने लगे हैं. कुछ किसान इस आंदोलन में शामिल होना चाहते हैं. लेकिन कई किसान ऐसे भी हैं. जो इस आंदोलन को समर्थन नहीं दे रहे हैं. ऐसे में दूध बेचने वाले किसानों ने पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा की गुहार लगाई है. इंदौर दुग्ध विक्रेता संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बुधवार दोपहर DIG हरिनारायण चारी मिश्र से मिलकर दूध बेचने वाले किसानों और विक्रेताओं को आंदोलन के वक्त सुरक्षा मुहैया कराने की गुहार लगायी है. इसे लेकर एक ज्ञापन दुग्ध संघ ने DIG को सौंपा है. वहीं, DIG की ओर से दुग्ध विक्रेता संघ को सुरक्षा मुहैया करवाने को लेकर भरोसा मिला है।
ये भी पढ़ें- मध्यप्रदेश के माथे लगा कुपोषण का कलंक, बच्चों की मौत के बाद कांग्रेस उग्र
एक जून से शुरू होने वाले किसान आंदोलन को लेकर एमपी पुलिस ने ”ऑपरेशन 240 घंटे” की शुरुआत कर दी है. PHQ ने किसान आंदोलन के मद्देनज़र ड्यूटी पर तैनात 15 हजार पुलिसकर्मियों को 24 घंटे तैनात रहने के दिए निर्देश दे दिए हैं. साथ ही ये भी साफ कर दिया है कि अगले 10 दिनों तक किसी भी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी को छुट्टी नहीं मिलेगी.
ये भी पढ़ें- जोगी वेंटिलेटर से बाहर,जताया आभार-पहाड़ों का सफ़र है,शीशे का बदन है ठीक हो रहा हूँ,दुआओं का असर है
PHQ आईजी मकरंद देउस्कर ने बताया कि पुलिस मुख्यालय से मध्यप्रदेश में होने वाले किसान आंदोलन की पूरी मॉनिटरिंग की जा रही है. आंदोलन के लिहाज से 18 जिलों में अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है. वहीं पिछले साल किसान आंदोलन की आंच भोपाल के नज़दीक तक पहुंच चुकी थी. लिहाज़ा इस बार भोपाल और उसके आसपास के जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है. देउस्कर ने गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह के बयान पर सफाई देते हुए कहा कि बॉन्ड ओवर की कार्रवाई स्थानीय प्रशासन ही करता है. जरूरत पड़ने पर पुलिस की रिपोर्ट पर भी कार्रवाई की जाती है।
वेब डेस्क, IBC24

Facebook


