खरगोन। जिले की बड़वाह उपजेल से मंगलवार सुबह हत्या के आरोप में बंद दो विचाराधीन कैदियों ने करीब 18 फीट उंची दीवार से भागने का प्रयास किया। इस दौरान एक कैदी भागने में सफल हो गया। वहीं दूसरे आरोपी का दीवार से कूदने के दौरान हाथ फैक्चर हो गया। जिससे वह भागने में असफल रहा। घटना की सूचना मिलते ही उपजेल में हडकंप मच गया। इसके बाद ताबडतोड जेल प्रहरियों ने करीब साढ़े तीन किलोमीटर दूर जंगल में भाग रहे एक कैदी को पकडने में सफलता हासिल कर ली।
घटना के बाद जांच के लिए इंदौर से पहुंचे जेल अधीक्षक रमेषचन्द्र मौर्य ने बताया कि बड़वाह की उपजेल में बंद हत्या के दो विचाराधीन कैदियों तूफानसिंह पिता जीतसिंह और जगनसिंह पिता जोरावरसिंह ने मंगलवार सुबह चाय वितरण के दौरान मौका मिलते ही जेल से फरार होने के लिए जेल के छज्जे से चढकर जेल की 18 फीट ऊंची दीवार पर चढ़कर भागने का प्रयास किया। इसी दौरान जेल प्रहरियों की निगाह पडने पर शोर मचाया तो इनमें से एक कैदी तूफानसिंह जेल की दीवार से कूदकर फरार होने में कामयाब हो गया। जबकि भाग रहे दूसरा आरोपी जगनसिंह को दीवार फांदते समय लटक गया। उसे डयूटी पर मौजूद एक प्रहरी द्वारा गिलास फेंककर मारा तो वह सीधे नीचे गिर गया। उसे तत्काल पकड़ लिया गया। घटना के बाद दोनों कैदियों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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हत्या के विचाराधीन कैदी के जेल से फरार होने की सूचना मिलते ही जेल प्रहरियों ने तुरंत जंगल की और दौड़ लगाई। इसके बाद करीब साढ़े तीन किलोमीटर दूर जंगल में छुपकर बैठे कैदी तूफानसिंह को तत्काल पकड लिया गया। बता दें कि 24-25 जून 2018 की दरमियानी रात्रि में दोनों विचाराधीन कैदियों द्वारा लूट की नीयत से बडवाह स्थित शर्मा कॉलोनी में वेयर हॉउस के सेवानिवृत्त प्रबंधक शिशिर उपाध्याय के यहां चौकीदारी कर रहे 58 वर्षीय रघनाथ पिता करसन केवट की हत्या कर दी थी।
इसके बाद पुलिस ने 2 जुलाई 2018 को इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। दोनों आरोपियों को न्यायालय द्वारा हत्या के जुर्म में दोनों आरोपियों को उपजेल भेजा था। अब इन पर जेल ब्रेक का मामला भी दर्ज कर लिया गया है।
वेब डेस्क, IBC24