पुरातत्व विभाग का फैसला, ऐतिहासिक इमारतों से हटाए जाएंगे चमगादड़

पुरातत्व विभाग का फैसला, ऐतिहासिक इमारतों से हटाए जाएंगे चमगादड़

पुरातत्व विभाग का फैसला, ऐतिहासिक इमारतों से हटाए जाएंगे चमगादड़
Modified Date: November 29, 2022 / 08:25 pm IST
Published Date: May 26, 2018 10:00 am IST

ग्वालियर। एक बार फिर IBC24 की खबर का बड़ा असर हुआ है. IBC24 ने दिखाया था कि ग्वालियर की एतिहासिक इमारतों में चमगादड़ों का खौफ है। जिसके बाद पुरातत्व विभाग हरकत में आया है। वहीं निपाह वायरस के खतरे को देखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और राज्य पुरातत्व और संग्रहालय विभाग ने शहर में अपने संरक्षित स्मारकों पर डेरा जमाने वाली चमगादड़ों को हटाने का फैसला लिया है.

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दोनों विभागों में 3-3 कर्मचारी यह काम अगले तीन-चार दिन में शुरू करेंगे. पकड़े गए चमगादड़ शहर से दूर जंगल में छोड़े जाएंगे. चमगादड़ ग्वालियर किले पर एएसआई के स्मारक मानसिंह पैलेस के अलावा तेली के मंदिर में बड़ी संख्या में मौजूद हैं. राज्य संरक्षित स्मारकों में कर्ण महल, जहांगीर महल सहित दूसरे स्मारकों पर चमगादड़ों ने डेरा डाल रखा है.

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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और राज्य पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग का स्टाफ बोरे लेकर उन स्थलों पर जाएगा, जहां चमगादड़ों ने डेरा जमा रखा है। कुछ कर्मचारी इन चमगादड़ों को लाठी से भगाएंगे, जिस ओर ये चमगादड़ भागेंगे, उस तरफ बोरे लेकर खड़े कर्मचारी उन्हें कैद कर लेंगे। यह कवायद दिन के वक्त होगी, जब चमगादड़ निष्क्रिय रहते हैं।

 

 

वेब डेस्क, IBC24


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