रायपुर लोकसभा सीट के लिए कांग्रेस से इन नेताओं ने ठोकी दावेदारी, जानिए नाम
रायपुर लोकसभा सीट के लिए कांग्रेस से इन नेताओं ने ठोकी दावेदारी, जानिए नाम
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस लोकसभा की 11 सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए संकल्प शिविर आयोजित कर रही है। तो वही इस संकल्प शिविर के बहाने रायपुर लोकसभा में प्रत्याशी बनने के लिए कांग्रेस नेताओं के बीच होड़ मची है। वर्तमान में रायपुर महापौर प्रमोद दुबे, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेन्द्र तिवारी, कांग्रेस नेत्री किरणमयी नायक, प्रदेश महामंत्री गिरीश देवांगन और संचार प्रमुख शैलेष नितिन त्रिवेदी अपनी दावेदारी पेश करने में लगे हैं।
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दरअसल लोकसभा चुनाव की उल्टी-गिनती शुरु हो चुकी है। कांग्रेस नेता अपनी दावेदारी कई माध्यमों से शुरु कर दिए है। रायपुर के महापौर प्रमोद दुबे ने शहर में वॉल पेटिंग कराकर अपनी दावेदारी शुरु कर दी है। उनका कहना हैं कि राजनीतिक क्षेत्र में काम करने वाले नेता को एक उम्मीद रहती है कि वह एक कदम आगे बढ़े। इसलिए वे अपनी दावेदारी कर रहे है। वही कांग्रेस नेता राजेन्द्र तिवारी का कहना हैं कि आलाकमान साफ औऱ स्वच्छ छवि के साथ-साथ योग्य नेता को प्रत्याशी बनाएंगे। तिवारी ने कहा कि वे पिछले तीन दशकों से कांग्रेस की सक्रिय राजनीति में कई पदों का जिम्मा संभाला है। ऐसे में लोकसभा के लिए उन्होंने दावेदारी की है।
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वही दूसरी ओर रायपुर नगर निगम की पूर्व महापौर किरणमयी नायक का कहना हैं कि कांग्रेस रायपुर लोकसभा में अब तक किसी महिला को प्रत्याशी नहीं बनाया है। इसके अलावा वे पिछले 15 सालों से तत्कालीन भाजपा सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ती रही। ऐसे में लोकसभा के लिए उन्होंने दावेदारी की है।
पीसीसी के महामंत्री गिरीश देवांगन ने कहा है कि लोकसभा में टिकट किसे मिलेगी यह तो आलाकमान तय करेगा लेकिन प्रत्याशियों के नाम नीचे स्तर से आएंगे। उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकर्ताओं की इच्छा है कि मैं भी लोकसभा चुनाव के लिए दावेदारी करूं। तो वही पीसीसी संचार प्रमुख शैलेष नितिन त्रिवेदी ने भी कहा हैं कि अगर पार्टी मौका देगी तो जरुर चुनाव जीतकर दिखाएंगे।
दरअसल रायपुर लोकसभा के अंतर्गत 9 विधानसभा है। जिसमें 6 कांग्रेस, 2 भाजपा और 1 सीट पर जेसीसीजे के विधायक है। मतदाताओं की संख्या लगभग 19 लाख है। वही अगर जातिगत समीकरण की बात करें तो ओबीसी औऱ सामान्य वर्ग की जनसंख्या सबसे ज्यादा है। रायपुर लोकसभा सीट पर ओबीसी का दबदबा नजर आता है लेकिन इस बार सात विधायक सामान्य वर्ग से जीतकर आए है।

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