आरएसएस को शंकराचार्य स्वरुपानंद की नसीहत, कहा-शादी,सौदा नहीं बल्कि एक संस्कार है

आरएसएस को शंकराचार्य स्वरुपानंद की नसीहत, कहा-शादी,सौदा नहीं बल्कि एक संस्कार है

आरएसएस को शंकराचार्य स्वरुपानंद की नसीहत, कहा-शादी,सौदा नहीं बल्कि एक संस्कार है
Modified Date: November 29, 2022 / 07:47 pm IST
Published Date: October 15, 2018 5:54 am IST

नरसिंहपुर। स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि हिंदू धर्म में शादी एक सौदा नहीं बल्कि संस्कार माना जाता है और शादी जीवनभर साथ निभाने का एक वचन है। RSS को नसीहत देते हुए शंकराचार्य ने कहा है कि उन्हें हिन्दू धर्म दर्शन सीखने की आवश्यकता है और RSS को अपनी साखाओं में ईश्वर की वंदना करनी चाहिए। स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि वो हमारे उपर आरोप लगाते हैं कि हम कांग्रेसी है। बीजेपी पर हमला बोलते हुए शंकराचार्य ने कहा कि कौन किसे वोट दे ये हम नहीं तय कर सकते हैं। 

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भागवत ने इंदौर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की रैली के दौरान बयान दिया था कि, ‘वैवाहिक संस्कार के तहत महिला और पुरुष एक सौदे से बंधे हैं, जिसके तहत पुरुष कहता है कि तुम्हें मेरे घर की देखभाल करनी चाहिए और तुम्हारी जरूरतों का ध्यान रखूंगा।

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इसलिए जब तक महिला इस कान्ट्रैक्ट को निभाती है, पुरुष को भी निभाना चाहिए। जब वह इसका उल्लंघन करे तो पुरुष उसे बेदखल कर सकता है। यदि पुरुष इस सौदे का उल्लंघन करता है तो महिला को भी इसे तोड़ देना चाहिए। सब कुछ कान्ट्रैक्ट पर आधारित है।’ उनके इस बयान पर भी लोगों की तीखी प्रक्रिया सामने आई है।

 

वेब डेस्क, IBC24

 


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