प्रकृति से प्रेम का जुनून- अब कहे जाते हैं ‘ट्री मैन’
प्रकृति से प्रेम का जुनून- अब कहे जाते हैं 'ट्री मैन'
जिस उम्र में लोग अपने जीवन के सारे बड़े कामों को पूरा करके निवृत हो जाते है. उस उम्र में छतरपुर के एक बुजर्ग ने अपने बलबूते पर प्रकृति को हरा-भरा करने की मुहिम छेड़ रखी है. ताकि इस धरती को बचाया जा सके.
ये हैं 71 साल के डॉ राजेश अग्रवाल छतरपुर में लोग इन्हें पेड़ वाले बाबा के नाम से जानते और पहचानते है. उम्र के इस पड़ाव में अब इनका एक ही मकसद है.. ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाना. पिछले 3 सालों से लगातार बुजुर्ग राजेश अपनी जेब से पैसा खर्च कर पौधे लगा रहे है औऱ साथ ही पेड़ों को फ्री में बांट भी रहे है. वहीं पेड़ ले जाने वालों से वचन पत्र भी भरवाया जाता है औऱ उनका नाम, पता औऱ फोन नंबर भी लिया जाता है.. ताकि बीच-बीच में पौधों की जानकारी ली जा सके. अब तक इन्होनें करीब 9 हजार से ज्यादा पौधे लगाए औऱ बांटे है. दरअसल शहर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए डॉक्टर अग्रवाल ने शहर में पेड़ लगाने की ठानी. और इसके लिए वन विभाग से भी संपर्क किया. लेकिन वन विभाग ने पेड़ देने से इनकार कर दिया. जिसके बाद बुजुर्ग डॉक्टर ने खुद ही इसका जिम्मा उठा लिया.
प्रकृति को हरा-भरा करने के जुनून को देखते हुए शहर के लोग इन्हें पेड़ वाले बाबा कहते है और इनके पास से घरों और दूसरी जगहों पर लगाने के लिए निशुल्क पौधे ले जाते है. दिनों दिन पेड़ ले जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही है. पर्यावरण को लेकर दुनियाभर में तमाम चिंताए जताई जा रही है और करोड़ों रुपयों की सरकारी योजनाएं भी चलाई जा रही है. लेकिन यदि हर व्यक्ति प्रकृति को हरा-भरा करने की ठान ले. तो पर्यावरण को बचाना काफी आसान हो जाएगा.

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