एक किसान के खाते में एनवीडीए की गलती से लाखों रुपए जमा हो गए। किसान को सवा माह तक भी इसकी खबर नहीं लगी। बाद में जानकारी लगने पर किसान ने ईमानदारी दिखाते हुए पूरा रुपया वापस लौटा दिया। मामला जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर अंजड़ बैंक ऑफ इंडिया की शाखा का है। जहां गुरुवार को किसान ने पात्र डूब प्रभावित के खाते में रुपया जमा कराया।
पिपरी निवासी किसान जगदीश बालाजी यादव के दो बचत खाते एक अंजड़ बैंक ऑफ इंडिया और दूसरा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बोरलाय में है। जगदीश यादव के बैंक ऑफ इंडिया अंजड़ शाखा के खाता क्रमांक 990810110008169 में 18 मई को 57 लाख 20 हजार 806 रुपए जमा हुए थे। किसान द्वारा अधिकतर लेनदेन एसबीआई बोरलाय की शाखा से किया जाता है, जिसके कारण उन्हें पता नहीं चला कि उनके बैंक ऑफ इंडिया के खाते में लाखों रुपया जमा हुआ है। बुधवार को इंदौर एनवीडीए कार्यालय से किसी शर्माजी का फोन किसान जगदीश यादव के मोबाइल पर आया। फोनकर्ता ने जानकारी दी कि डूब प्रभावित चमारिया नहालिया निवासी डेहर कुक्षी तहसील का रुपया गलती से उनके खाते में डाल दिया गया है। किसान ने कहा जिसका रुपया है उसे वापस लौटा दूंगा।
गुरुवार को किसान जगदीश यादव ने अपने साथी बालाराम यादव के साथ बैंक जाकर डूब प्रभावित के खाता क्रमांक 990810110011149 में आरटीजीए के माध्यम से रुपया ट्रांसफर करवाया। इस दौरान बड़वानी एनवीडीए से आए अधिकारी और डूब प्रभावित चमारिया नहाला भी वहां पहुंचे थे। दूसरे की रकम पर कैसे जमाते अधिकार किसान जगदीश यादव ने बताया कि न तो उनकी कोई जमीन डूब में आई हैं, न ही किसी प्रकार का मुआवजा उनका बना है। जब इंदौर से फोन आया तो उन्होंने तुरंत रुपया लौटाने की बात मान ली। जगदीश यादव का कहना था कि जो रकम उनकी नहीं है उस पर वो कैसे अधिकार बता सकते थे। जिसका उन रुपयों पर अधिकार था, उसे लौटा दिया है।