रंगदारी से परेशान अधिवक्‍ता ने गोली मारकर आत्‍महत्‍या की, निवर्तमान ब्‍लॉक प्रमुख समेत दो गिरफ़्तार

रंगदारी से परेशान अधिवक्‍ता ने गोली मारकर आत्‍महत्‍या की, निवर्तमान ब्‍लॉक प्रमुख समेत दो गिरफ़्तार

रंगदारी से परेशान अधिवक्‍ता ने गोली मारकर आत्‍महत्‍या की, निवर्तमान ब्‍लॉक प्रमुख समेत दो गिरफ़्तार
Modified Date: November 29, 2022 / 08:57 pm IST
Published Date: February 14, 2021 9:27 am IST

महोबा (उत्तर प्रदेश), 14 फरवरी (भाषा) महोबा शहर कोतवाली क्षेत्र के समदनगर मुहल्ले के एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने 60 लाख रुपये की रंगदारी वसूले जाने से परेशान होकर शनिवार मध्य रात्रि में कथित रूप से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में रविवार दोपहर कबरई के निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख और उनके भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है।

महोबा शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) अनूप कुमार दुबे ने रविवार को बताया कि समदनगर मुहल्ला निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक (50) की आत्महत्या के मामले में सुसाइड नोट के आधार पर ‘आत्महत्या के लिए बाध्य’ करने का मामला दर्ज किया गया है। इस सिलसिले में रविवार दोपहर कबरई विकास खंड के निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख छत्रपाल यादव और उनके भतीजे विक्रम यादव को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में छत्रपाल के साले आनन्द मोहन यादव और रवि सोनी व अंकित सोनी भी नामजद हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

एसएचओ ने बताया कि सात फरवरी को छत्रपाल यादव, विक्रम यादव, आनन्द मोहन यादव, रवि सोनी और अंकित सोनी के खिलाफ अधिवक्ता की शिकायत पर जबरन धन वसूली (386) और जान से मारने की धमकी देने (506) का मामला भी दर्ज किया गया था।

दुबे ने बताया कि अधिवक्ता पाठक ने 19 जनवरी को तहरीर देकर इन सभी पर उनके बेटे (अधिवक्ता) से 60 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने और जान से मारने से धमकी देने की शिकायत की थी जिसपर सात फरवरी (18 दिन बाद) को शहर कोतवाली में मामला दर्ज हुआ। मामले की जांच अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) के अधिकारी कर रहे हैं।

एक सवाल के जवाब में एसएचओ ने कहा, ‘अधिवक्ता ने बेटे से 60 लाख रुपये की रंगदारी वसूले जाने की तहरीर पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) बांदा को 19 जनवरी दी थी, लेकिन उस पर मुकदमा सात फरवरी को दर्ज किया गया। 18 दिन बाद मुकदमा लिखे जाने की वजह मुझे नहीं मालूम, क्योंकि शहर कोतवाली में मेरी तैनाती नौ फरवरी को हुई है।’

एसएचओ ने अधिवक्ता के परिजनों के हवाले बताया कि शनिवार को आरोपियों ने अधिवक्‍ता को एक होटल में बुलाकर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया था, जिसके बाद उन्होंने रात में गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

अधिवक्ता के बेटे शिवम पाठक ने पुलिस को बताया कि दर्ज मुकदमे (रंगदारी वसूली के मुकदमे)में सुलह के लिए आरोपियों ने पिता को शनिवार दोपहर शहर के एक होटल में बुलाया था और दबाव न मानने पर हत्या करने की धमकी थी, जिससे पिता अवसाद में आ गए और रात में खुद की लाइसेंसी रायफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

एसएचओ ने बताया कि परिजनों की सूचना पर रात में ही उनका शव और आत्महत्या में प्रयुक्त लाइलेंसी रायफल कब्जे में ले ली गयी है। उन्‍होंने बताया कि कड़ी सुरक्षा के बीच अधिवक्ता के शव का आज पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है।

गौरतलब है कि ज़िले में पहले भी रंगदारी का मामला सुर्ख़ियों में रहा है। महोबा के पूर्व पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार द्वारा रंगदारी मांगने से परेशान कबरई कस्बे के क्रशर व्यवसायी इन्द्रकांत त्रिपाठी ने पिछले साल नवंबर माह में कथित रूप से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

इस मामले में कबरई के तत्कालीन बर्खास्त थानाध्यक्ष देवेन्द्र शुक्ला, सिपाही अरुण यादव और दो व्यवसायी सुरेश सोनी व ब्रम्हदत्त लखनऊ की जेल बंद है, लेकिन पाटीदार अब भी फरार चल रहे है।

भाषा सं आनन्द प्रशांत अर्पणा

अर्पणा


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