टीआरपी घोटाला: रेटिंग एजेंसी बार्क के पूर्वी सीओओ को किया गया गिरफ्तार

टीआरपी घोटाला: रेटिंग एजेंसी बार्क के पूर्वी सीओओ को किया गया गिरफ्तार

टीआरपी घोटाला: रेटिंग एजेंसी बार्क के पूर्वी सीओओ को किया गया गिरफ्तार
Modified Date: November 29, 2022 / 08:14 pm IST
Published Date: December 17, 2020 11:20 am IST

मुंबई, 17 दिसंबर (भाषा) मुंबई पुलिस ने कथित टीआरपी (टेलीविजन रेटिंग प्वांइट) घोटाला मामले में ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) के पूर्व मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया।

एक अधिकारी ने बताया कि टीआरपी मामले की जांच कर रही मुंबई अपराध शाखा की टीम ने बार्क के पूर्व सीओओ रोमिल रामगढ़िया को दोपहर को गिरफ्तार कर लिया।

यह इस मामले में 14वीं गिरफ्तारी है।

पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘जांच के दौरान, मामले में रागगढ़िया की कथित संलिप्तता का पता चला, जिसके बाद उन्हें आज गिरफ्तार कर लिया गया।’’

उन्होंने बताया कि रामगढ़िया को एक स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।

पुलिस ने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के सीईओ विकास खानचंदानी को टीआरपी घोटाले के सिलसिले में रविवार को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि एक अदालत ने बुधवार को उनकी जमानत मंजूर कर ली।

गौरतलब है कि बार्क द्वारा हंसा रिसर्च एजेंसी के माध्यम से कुछ चैनलों के खिलाफ टीआरपी में धांधली करने की शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने इस कथित घोटाले की जांच शुरू की थी।

कुछ घरों में मशीनों के जरिए दर्शकों की संख्या का पता लगाकर टीआरपी मापी जाती है। यह रेटिंग विज्ञापन आकर्षित करने के लिए अहम होती है।

बार्क ने कुछ घरों में टीवी के दर्शकों की संख्या रिकॉर्ड करने वाले बैरोमीटर लगाने और उनकी देख-रेख करने का जिम्मा हंसा को दिया था।

आरोप है कि जिन कुछ घरों में बैरोमीटर लगाए गए थे, उनमें से कुछ परिवारों को रिश्वत देकर टीवी पर कुछ विशेष चैनल चलाने के लिए कहा गया, ताकि उनकी टीआरपी बढ़ सके।

रिपब्लिक टीवी ने कुछ भी गलत करने की बात से इनकार किया है।

भाषा

सिम्मी उमा

उमा


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