पेंड्रा। कोटा में सोमवार को कांग्रेस का तहसील घेराव कार्यक्रम बिना स्थानीय विधायक रेणु जोगी के ही हुआ। जहां एक बार फिर रेणु जोगी ने कांग्रेस संगठन के कार्यक्रम से अपने विधानसभा में दूरी बनाए रखी। कोटा में नेता प्रतिपक्ष टी एस सिंहदेव की अगुवाई में पीसीसी के निर्देशानुसार आमसभा और तहसील कार्यालय का घेरा सूखा राहत और फसल बीमा के मुआवजे को लेकर किया गया था।
कार्यक्रम में टीएस सिंहदेव के साथ ही बिलासपुर जिला कांग्रेस के पदाधिकारी तो शामिल हुये पर कोटा विधायक रेणु जोगी ही षामिल नहीं हुई। इसके पीछे रेणु जोगी ने तर्क दिया कि उनको संगठन की ओर से जानकारी नहीं दी गयी थी, जिसका समर्थन करते हुये टीएस सिंहदेव ने कहा कि इस बार हमसे चूक हुई और उन्हें सही तरीके से संगठन की ओर से जानकारी नहीं दी जा सकी थी।
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सिंहदेव ने इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए रेणु जोगी के खिलाफ तो कोई बात नहीं बोली अलबत्ता उन्होंने रेणु जोगी का पक्ष लेते हुये कहा कि उन्होने कांग्रेस के प्रति निष्ठा जाहिर करते हुये कह दिया है कि कांग्रेस ने उनके और उनके परिवार के लिये बहुत कुछ किया और उन्होने अब तक कांग्रेस नहीं छोड़ी है। टीएस सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस ने उनको बहुत अवसर दिया और पांच साल के लिये उन्होंने कांग्रेस के लिये जो विधायक के रूप में जवाबदारी ली थी उसको निभाया और पति और बेटे की पार्टी के कार्यक्रम में आज तक उनकी फोटो तक नहीं देखने को मिली।
नेता प्रतिपक्ष ने जोगी की पार्टी के चुनाव चिन्ह आवंटित होने पर निषाना साधते हुये कहा कि वो हल लेकर जा रहे हम बैलगाड़ी में जा रहे हैं। जोगी सबको साथ लेकर नहीं चले इसलिये छत्तीसगढ़ में कांग्रेस हारी और अब उनकी हालत यह हो गई है कि वो केवल हमको नुकसान पहुंचाना चाहते है वो इसके लिए रमनसिंह का साथ दे रहे है और रमनसिंह भी जोगी की काफी मदद कर रहे है। ये आम मतदाता जान चुका है।
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इसके बाद टीएससिंहदेव कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ सभास्थल से बैलगाड़ी पर सवार होकर तहसील कार्यालय का घेराव करने निकले और तहसील के सामने प्रदर्शन किया और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर वापस हो लिए।
वेब डेस्क, IBC24