नई दिल्लीः Congress Protest News: पीएम आवास के पास मंगलवार दोपहर साढ़े तीन बजे धरने पर बैठे राहुल- प्रियंका सहित कांग्रेसियों को पुलिस शाम साढ़े 6 बजे उठाकर ले गई थी। सभी नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम में रखा गया। यहां से करीब 3 घंटे बाद रात 9.45 बजे सभी को रिहा कर दिया गया। प्रियंका को मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया था। प्रियंका से मिलने सोनिया गांधी थाने पहुंची थी।
पीएम आवास के पास से हटाने के लिए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गोविंद मोहन पहुंचे थे। राहुल गांधी से करीब 20 मिनट बात की। इसके बाद जितेंद्र सिंह गृह मंत्री अमित शाह के पास गए। शाह से बातचीत के बाद उन्होंने फिर राहुल से बात की। सोशल मीडिया पोस्ट में जितेंद्र सिंह ने बताया कि राहुल गांधी की मांग थी कि NEET पर संसद में चर्चा हो। राहुल की यह मांग मान ली गई थी। लेकिन राहुल अपनी बात से मुकर गए। वह बोले- अब हमारी दो मांगे हैं। पहली- NEET पर संसद में चर्चा, दूसरी शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि राहुल गांधी का व्यवहार उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। राहुल गांधी और उनकी टीम ने प्रधानमंत्री आवास तक मार्च के दौरान अराजकता फैलाने की कोशिश की। प्रधानमंत्री किसी एक पार्टी के नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के प्रतिनिधि हैं। संसद में किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए भाजपा हमेशा तैयार है, लेकिन मर्यादा तोड़ना और अराजक राजनीति करना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा, ‘जो मांग छात्रों की है, सरकार को छात्रों की मांग माननी चाहिए, सरकार को उनकी मांगों को स्वीकार करना चाहिए। सरकार ने जो छात्रों के साथ अन्याय किया है। हम सदन में यही मुद्दा उठाएंगे।’ वहीं, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार ने कल अपनी बर्बरता दिखाई। आज उन्होंने फिर वही बर्बरता दोहराई। वे पूरी तरह से अलोकतांत्रिक हैं। जितेंद्र सिंह ने हमसे नोटिस देने को कहा और कहा कि उसके बाद वे चर्चा पर विचार करेंगे, जो हमें मंज़ूर नहीं है। हमने कल भी नोटिस दिया था और आज भी।
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